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Bareilly News: बहेड़ी में कागजों में सिमटीं कृषि गोष्ठियां

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बहेड़ी। किसानों के हितों के लिए बनाया गया उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी दफ्तर जर्जर हालत में
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तीन साल से कृषि प्रसार अधिकारी ही नहीं, किसानों को नहीं मिल रहीं जरूरी जानकारियां
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बहेड़ी। उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी कार्यालय में तीन वर्षों से कृषि प्रसार अधिकारी की तैनाती नहीं हुई है। इससे मृदा परीक्षण, कृषि गोष्ठियां सहित अन्य कार्य महज कागजों में सिमट कर रह गए हैं। किसानों को मिलने वाली सुविधाओं के लिए स्थापित किया गया यह कार्यालय सही मायने में कोई सुविधा उपलब्ध नहीं करा रहा है। कृषि प्रसार अधिकारी के पद के लिए जिले के अधिकारियों को अतिरिक्त चार्ज दे दिया गया है, जो कभी यहां झांक कर नहीं देखते।
जानकारी के अनुसार 90 के दशक में उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी कार्यालय को बनाकर क्षेत्र के किसानों को खेती की तमाम तरह की दवाइयां, मृदा परीक्षण व बीज उपलब्ध कराने के साथ-साथ वैज्ञानिक तकनीक पर खेती करने की सोच पैदा करने के लिए स्थापित किया गया था, लेकिन धीरे-धीरे इस विभाग के अधिकारियों ने रुचि लेना बंद कर दिया और किसानों ने भी यहां आने से मुंह मोड़ लिया। कृषि प्रसार अधिकारी रही शुभांजना पांडे के निधन के बाद तीन साल से यहां कृषि प्रसार अधिकारी की तैनाती नहीं की गई। ढाई वर्ष से अधिक जिला कृषि अधिकारी अर्चना प्रकाश के पास चार्ज रहा। वह अपनी जिले की व्यवस्था की बात कह कर कभी नहीं आई। उनके तबादले के बाद सहायक निदेशक मृदा परीक्षण नरेंद्र प्रताप सिंह के पास चार्ज है, जो अपने चार माह के कार्यकाल में आज तक इस दफ्तर में झांकने तक नहीं आए।
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कागजों में लक्ष्य को पूरा दिखा दिया
इन हालातों में किसानों को जागरूक करने के लिए होने वाली गोष्ठियां महज कागजों में सिमट कर रह गईं। अगर बात करें मृदा परीक्षण के लिए लाखों रुपये खर्च कर बनाई गई लैब में भी मृदा परीक्षण कागजों में चल रहा है। मृदा परीक्षण प्रयोगशाला के रजिस्टर के मुताबिक वर्ष 2025-26 में खरीफ की फसल के लिए 42 नमूनों का लक्ष्य था, जो कागजों में पूरा कर दिया गया है। वर्ष 2024-25 में 300 मृदा परीक्षण के नमूनों का लक्ष्य था, जो पूरा कर दिया गया। अब मौजूदा समय में रबी की फसल के लिए 1800 नमूनों का लक्ष्य है। यहां पर तैनात मृदा विश्लेषक हरवीर सिंह ने बताया कि यह लक्ष्य भी पूरा कर दिया जाएगा। उत्तर नगर के विनोद चौधरी, गांव चंदासी के रामपाल सिंह, भाकियू के तहसील अध्यक्ष राजेश गुप्ता ने बताया कि इस लैब में स्लाइडें खाली हैं। ऐसे में लक्ष्य कैसे पूरा हो गया। संवाद

रेट तय नहीं तो कैसे बंटेगा गेहूं का बीज
बहेड़ी। गोदाम प्रभारी जयप्रकाश शुक्रवार को 12:30 बजे गोदाम के शटर के ताले खोलते हुए मिले। दोपहर में गोदाम खोलने की बात पर वह तपाक से बोले कि पराली में आग लगने की सूचना पर एक गांव में गया था। यहां किसानों को कोई बीज नहीं दिया जा रहा था। गोदाम प्रभारी के पास एक जुआ जवाहरपुर और दूसरे भट्टी वाली गौटिया के किसान बैठे थे। गोदाम प्रभारी ने बताया उन्हें गेहूं का रेट अभी नहीं मिला है। वह बैनर छपवा रहे हैं। सोमवार से ही गेहूं का बीज बाटेंगे।

उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी के दफ्तर की छत पर जमी घास
बहेड़ी। उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी की लाखों रुपये से बनी इमारत देखरेख के अभाव में जर्जर होने के कगार पर आ गई है। भवन के सामने तो गंदगी और घास उगी ही है। भवन की छत पर भी घास जमी पड़ी है।
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किसानों को जागरूक करने के लिए इस भवन का निर्माण किया गया होगा। सुलभ तरीके से बीज खाद, दवाइयां और अच्छी तकनीक का इस्तेमाल कर खेती करने के तरीके बताने के लिए इसे बनाया गया है। इस मामले में वह जिला अधिकारी को पत्र भेजकर अवगत कराएंगी।
- इशिता किशोर, एसडीएम बहेड़ी

बहेड़ी। किसानों के हितों के लिए बनाया गया उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी दफ्तर जर्जर हालत में

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