बरेली। कृषि यंत्रों की अनुदान राशि में बड़े स्तर पर खेल हुआ है। व्यक्तिगत लोगों और एफपीओ (फॉर्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन) के नाम पर फर्जी बिलिंग से अनुदान राशि हड़प ली गई। जांच में पाया गया है कि कई एफपीओ ने कृषि यंत्रों पर अनुदान लिया और उन्हें बेच दिया गया। प्रारंभिक कार्रवाई में उप निदेशक (कृषि) ने एडीएम वित्त एवं राजस्व के माध्यम से 28 लोगों को 22 लाख रुपये वसूली के लिए आरसी जारी कर दी है। जिन मामलों में अनुदान राशि की रिकवरी के आदेश हुए हैं, वह प्रकरण वर्ष 2020-21 और 2021-22 के हैं।
बताया जा रहा है कि पूर्व में कृषि निदेशालय के आदेश पर हाथरस जिले के उप निदेशक कृषि ने अनुदान पर कृषि यंत्र लेने वालों के गांव-घर जाकर वर्ष 2023 में सत्यापन किया था। सत्यापन में पाया गया कि जिन्होंने संबंधित कृषि यंत्रों के लिए अनुदान राशि ली है, उनके पास वह यंत्र ही नहीं हैं। यह रिपोर्ट शासन में और कृषि निदेशालय भेजी गई थी। इसके बाद फिर से सत्यापन के आदेश निदेशालय से हुए। जिस पर जिले के विभागीय अधिकारियों ने अक्तूबर में जांच की और उन्होंने भी प्रमाणित किया कि संबंधित 28 लोगों के पास कृषि यंत्र नहीं मिले हैं। जिस पर उप निदेशक कृषि ने कृषि यंत्रों के नाम पर लाभ लेने वालों को अनुदान राशि लौटाने और अपना पक्ष रखने का भी मौका दिया, लेकिन संबंधित लोग न तो उप निदेशक के यहां अपना पक्ष रखने आए और न ही अनुदान की धनराशि लौटाई।
जांच में पाया गया है कि बहेड़ी के रूपपुर के रामेंद्र सिंह ने वर्ष 2020 में रोटावेटर, कल्टीवेटर के नाम पर 5.92 लाख रुपये अनुदान लिया था। मोहम्मदपुर के धर्मेंद्र ने कस्टम हायरिंग सेंटर के तौर पर कृषि यंत्र डिस्क प्लाड बैनड मेकर पर 2.28 लाख और नवाबगंज के अलीनगर के विवेक गंगवार ने लेजर लैंड लेवलर के नाम पर 1.10 लाख रुपये और बरौर के गजेंद्र सिंह से 1.32 लाख का अनुदान लिया, लेकिन इन लोगों के पास जांच के समय कोई भी कृषि यंत्र नहीं पाए गए हैं। संवाद
नैतिक किसान सेवा समिति के पास नहीं मिले कृषि यंत्र
दोबारा सत्यापन की रिपोर्ट के मुताबिक, बहेड़ी ब्लॉक के सुड़िवाया की नैतिक ने कई कृषि यंत्र अनुदान पर लिए थे। जिन्हें बेच दिया गया है। उन्होंने यह कृषि यंत्र अपने एफपीओ (नैतिक किसान सेवा समिति) के नाम पर फार्म मशीनरी बैंक के तहत लिए थे। इन कृषि यंत्रों में प्लाड, लेरज लैंड, लेवलर सुपर सीडर हैं, जिनकी उन्होंने खरीद दिखाकर विभाग में बिल भी प्रस्तुत किए। उन्हें वर्ष 2020-21 में 5.96 लाख रुपये अनुदान मिला था। इनके यहां यह कोई भी कृषि यंत्र सत्यापन के दौरान नहीं मिले।
इन एफपीओ से भी वसूली के लिए दी गई आरसी
आदर्श नगर नवाबगंज के एफपीओ एसएसटी शिक्षा समिति से 2,72,685 रुपये की वसूली होनी है। ऐसे ही भुता फरीदपुर की शुभकीर्ति फॉर्मर प्राइवेट कंपनी से 1,96,428 रुपये, नवाबगंज की सूर्यभान शिक्षा समिति से 1,32,142 रुपये की वसूली के लिए आरसी जारी हुई है। भदपुरा के ठिरिया बन्नोजान की लालता प्रसाद कृषि यंत्र सोसाइटी से 1.88 लाख रुपये, भोजीपुरा के कलारा के महेश चंद्र कृषि कल्याण सेवा समिति से 1.20 लाख और जबैदा नवाबगंज की गंगवार कृषि कल्याण सेवा समिति से 1.10 लाख रुपये व फरीदापुर गंगापुर की रामरतन लाल कृषक सेवा समिति से एक लाख रुपये भू-राजस्व की भांति वसूले जाने हैं। दमखोदा के चुरैली की सत्यपाल कृषि यंत्र सोसाइटी से 46,428 रुपये वसूल होने हैं।
सत्यापन में पाया गया है कि कुछ व्यक्तिगत और एफपीओ समेत 28 लोगों ने कृषि यंत्रों को अनुदान पर लिया था, जिन्हें बेच दिया गया। जिनसे अनुदान राशि वसूली के लिए कृषि निदेशालय से आदेश हुए हैं। संबंधित से अनुदान राशि की भू-राजस्व की भांति वसूली के लिए एडीएम वित्त एवं राजस्व को पत्राचार किया है। - अमर पाल, उप निदेशक कृषि
जिन लोगों के विरुद्ध अनुदान राशि की वसूली के लिए उप निदेशक कृषि ने पत्राचार किया है, उस पर तहसीलदार को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। विभाग में अनुदान पर कृषि यंत्रों के वितरण में गड़बड़ी हुई है या कोई शिकायत मिलती है तो उसकी जांच कराई जाएगी। - संतोष कुमार सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व