बरेली। एफआईआर दर्ज होने के बाद खोई हुई विशाल मेगा मार्ट की कर संबंधी फाइल मिल गई। फाइल डाक के जरिये बृहस्पतिवार को नगर निगम कार्यालय पहुंची। अब पुलिस फाइल को भेजने वाले के पते और मोबाइल नंबर का सत्यापन कर रही है। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि फाइल पुलिस के सामने ही खोली जाएगी।
नगर निगम के जोन-एक और दो में आने वाले विशाल मेगा मार्ट की वर्ष 2018-19 की कर संबंधी फाइल तीन माह से गायब थी। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने तीन माह पहले ही इस प्रकरण में रिपोर्ट दर्ज करने का निर्देश दिया था, लेकिन कर विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। फिर नगर आयुक्त ने मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पीके द्विवेदी को मामले की जांच रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया था।
इसके बाद कर अधीक्षक की ओर से नगर निगम की लिपिक जया शर्मा, अजय प्रकाश, विपिन कुमार, कर संग्रहकर्ता नेत्रपाल और पांच अज्ञात आरोपियों के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। बृहस्पतिवार को फाइल मिलने के बाद नगर निगम के अधिकारियों ने उसे कब्जे में लिया है। अब जांच अधिकारी के साथ रिकॉर्ड के मिलान की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
बड़े पैमाने पर हेराफेरी की आशंकाविशाल मेगा मार्ट का मामला काफी पुराना है। पार्षदों ने सदन से लेकर कार्यकारिणी की बैठक तक इस मुद्दे को उठाया, लेकिन फाइल नहीं मिली। ऐसे में बड़े पैमाने पर हेराफेरी की आशंका जताई जा रही है। अब मामला प्रकाश में आने की संभावना बढ़ गई है। संवाद
डाक के जरिये फाइल मिली है। पुलिस को इसकी सूचना दी गई है। विवेचक के सामने ही फाइल खोली जाएगी। - पीके द्विवेदी, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी