फरीदपुर। अस्पताल में बच्चे को जन्म देते ही नवजात की मौत हो गई। महिला की बिगड़ी हालत के बाद डॉक्टरों ने उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। उपचार के लिए ले जाते वक्त महिला ने भी रास्ते में दम तोड़ दिया। मृतका के शव को ले जाकर ससुरालियों ने अंतिम संस्कार की तैयारी कर दी। मायके वालों ने पुलिस को बुलाकर अंतिम संस्कार रुकवा दिया।
शाहजहांपुर के रामचंद्र मिशन थाना क्षेत्र के मोहल्ला तवरगंज निवासी महेश चंद्र अपनी पुत्री वैशाली कनौजिया (24) की शादी दो वर्ष पूर्व फरीदपुर कस्बे के मोहल्ला लाइनपार मठिया निवासी जोगिंदर के पुत्र रोहित दिवाकर से की थी। रोहित दिवाकर बंथरा की एक फैक्टरी में नौकरी करता है। वहीं, वैशाली के साथ किराए पर रहता था।
वैशाली के भाई अमन ने बताया कि रोहित व उसके परिवार वाले उसकी बहन को परेशान करते थे। गर्भावस्था में 15 दिन पहले रोहित वैशाली को उसके मायके में छोड़ दिया। सोमवार को महिला के प्रसव पीड़ा हुई, तब उसके मायके वालों ने शाहजहांपुर के अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसने नवजात बच्चे को जन्म दिया। बच्चे की तत्काल ही मौत हो गई। महिला की भी हालत बिगड़ गई। डॉक्टर ने उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। इसी दौरान महिला के पति सहित अन्य ससुराल वाले भी पहुंच गए। गंभीर हालत में महिला को उपचार के लिए दूसरे अस्पताल में ले जाते वक्त उसने रास्ते में दम तोड़ दिया।
मृतक के ससुराल वाले उसके शव को फरीदपुर अपने घर लेकर पहुंचे। ससुराल वालों ने उसके शव का अंतिम संस्कार करने की तैयारी कर दी। मायके वाले रोकते रहे, लेकिन ससुराल वाले नहीं माने। नाराज मायके वालों ने पुलिस को सूचना देकर अंतिम संस्कार रुकवा दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।