बरेली। पश्चिमी एशिया में युद्ध के असर से वैश्विक ऊर्जा संकट गहराता जा रहा है। पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की कीमत बढ़ने से उद्यमी परेशान थे, इसी बीच औद्योगिक डीजल के दाम भी बढ़ गए। इस पर उद्यमियों ने उत्पादन प्रभावित होने की आशंका जताई है।
बरेली में दो दर्जन से ज्यादा बड़े उद्योग हैं, जिनमें औद्योगिक डीजल का इस्तेमाल होता है। इससे जनरेटर डीजी सेट, फैक्टरी की मशीनें, बॉयलर, भट्ठियां, भारी मशीनों आदि का संचालन होता है। इनका ईंधन पेट्रोल पंपों पर नहीं मिलता, बल्कि सीधे पेट्रोलियम कंपनियों से टैंकर के जरिये ऑर्डर पर मंगाया जाता है। शुक्रवार तक इस डीजल की कीमत 87.67 रुपये प्रति लीटर थी जो शनिवार से 109.59 रुपये पर मिलेगी। 22 रुपये की प्रति लीटर सीधी बढ़त हुई है। आईआईए बरेली चैप्टर के चेयरमैन मयूर धीरवानी के मुताबिक ऊर्जा संकट और कच्चे माल की आपूर्ति प्रभावित होने से उद्योग संचालन प्रभावित हो रहा है। इसका असर उत्पादन पर पड़ना तय है। जिले की पांच फैक्टरियाें में उत्पादन ठप हो गया है। संकट जारी रहा तो और पर भी ताला लगेगा। ब्यूरो