शाहबाद के मंदिर पर पूजा करते मंदिर के पदाधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
कोरोना वायरस महामारी के चलते इस बार शहर में नहीं हो रहे हैं सामूहिक आयोजन
बरेली। शनिवार को घरों में गणपति विराजमान होने के बाद नौ दिन बाद रामगंगा नदी में विसर्जित किए जाएंगे। ऐसे में तब तक घरों और मंदिरों में बिना भीड़ जुटाए पूजा-अर्चना होती रहेगी। कोरोना वायरस महामारी के चलते इस बार शहर में बड़े-बड़े पंडाल नहीं लग सके।
मराठा बुलियन एसोसिएशन और श्री गणेश महोत्सव समिति ने फूटा दरवाजा में अपने-अपने निवास पर गणेश प्रतिमा की स्थापना की है। संस्थापक अनिल पाटिल ने बताया कि नौ दिन बाद रविवार को प्रतिमाएं रामगंगा नदी में विसर्जित की जाएंगी। ब्रह्मपुरा में श्री गणेश महोत्सव समिति शाहबाद में श्री विभूति नाथ मंदिर में गणेश जी की प्रतिमा की स्थापना की है। संस्थापक अरुण वर्मा ने बताया कि मंदिर में रोज शाम को क्षेत्र का एक परिवार पूजा अर्चना करके प्रसाद बांटेगा। 31 अगस्त को प्रतिमा का रामगंगा में विसर्जन किया जाएगा, जिसमें बेहद सादगी के साथ केवल दो लोग ही शामिल होंगे। श्री गणेश महोत्सव आयोजन समिति के संस्थापक अभय भटनागर ने घर में ही प्रतिमा स्थापित की है। उन्होंने बताया कि प्रशासन से अनुमति मिलते ही वह प्रतिमा को विसर्जित करेंगे। गौरतलब है कि चौकी चौराहा, कालीबाड़ी, आलमगिरी गंज से शोभायात्राएं निकलती थीं। इसके अलावा लोग भी घरों में गणेश जी की पूजा अर्चना करके रामगंगा नदी में विसर्जित करते थे। इस बार कोरोना महामारी होने से शोभायात्राओं पर भी प्रतिबंध है।