इंग्लिश स्कूल मिशन के सील होने के बाद हॉस्पिटल ने अदा किए 34.74 लाख, श्रमिकों में खुशी
बरेली। क्लेरा स्वेन मिशन हॉस्पिटल से लंबी लड़ाई के बाद कर्मियों को सफलता मिली है। पिछले दिनों पांच कर्मियों को बकाया मजदूरी के 5.57 लाख रुपये मिल भी गए हैं। मजदूरों का मिशन हॉस्पिटल पर कुल 73.70 लाख बकाया है। इसे पाने के लिए वह काफी समय से श्रम न्यायालय में हॉस्पिटल प्रबंधन के विरुद्ध लड़ाई लड़ रहे थे। तहसीलदार भानु प्रताप सिंह ने बताया कि बकाया राशि में से हॉस्पिटल ने अब तक 34.74 लाख रुपये दिए हैं।
तहसीलदार ने बताया कि 12 सितंबर को मिशन हॉस्पिटल के इंग्लिश स्कूल मिशन को सील किए जाने के बाद अदायगी तेज हुई है। इससे पहले आरसी जारी करने के बावजूद बकाया वसूली नहीं हो पा रही थी। अब हॉस्पिटल के एग्जीक्यूटिव सचिव पादरी परमिंदर मैसी और खजांची सुनील मसीह ने संयुक्त हस्ताक्षर से पांच और 28 अक्टूबर की तारीख के लिए एडवांस चेक दिए हैं। ये दोनों चेक 29,17,310 रुपये के हैं।
इससे पहले 30 अगस्त को 5,57,324 लाख रुपये का चेक दिया था। इस तरह इन बकायेदारों ने अब तक 34,74,634 रुपये के चेक श्रम न्यायालय के पक्ष में दिए हैं। अब इन पर 38,95,745 रुपये बकाया है, जिसे अदा करने के लिए लिखित में समय ले रखा है। तहसीलदार ने बताया कि 30 अगस्त को मिले चेक से श्रमिक जानसन प्रीतम चंद, रामवती, मुन्नी देवी, जरीना देवी और शांति इमानुवैल को बकाया अदा किया गया है। इससे श्रमिक खुश हैं।
तहसीलदार ने बताया कि इमानुल, सुरेश, डोरिस, सुनील कुमार, शीला सी लाल, अब्दुल हफीज, सुंदर लाल, उस्मान, मुकेश शर्मा, बच्चू लाल आदि श्रमिकों ने हॉस्पिटल के विरुद्ध लंबी लड़ाई लड़ी है। इसके अलावा मिशन हॉस्पिटल श्रमिक संघ के पदाधिकारी जगदीश चंद्र शर्मा ने भी श्रम न्यायालय में 22.74 लाख रुपये की धनराशि पाने के लिए वाद दाखिल किया था। श्रमिक संघ को भी संबंधित धनराशि की अदायगी के लिए न्यायालय ने मिशन हॉस्पिटल को आदेश पारित कर रखा है। संवाद