फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bareilly News: एआई से पढ़ाई, अद्वैत ने हासिल किए 97.2% अंक

Thu, 16 Apr 2026 03:14 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। दसवीं के छात्र अद्वैत मोहन तिवारी ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) से पढ़ाई कर 97.2 फीसदी अंक हासिल किए। उन्होंने एआई से नोट्स बनाकर तैयारी की। इससे उनके समय की बचत हुई। साथ ही, एआई ने अलग-अलग तरह के सवाल भी बनाए। उसे हल करने से तैयारी भी अच्छी हुई। फेसबुक, इंस्टाग्राम के बजाय यूट्यूब पर पढ़ाई से जुड़े हुए वीडियो देख अपने समय का इस्तेमाल किया।
विज्ञापन

विद्यालय के ही समृद्ध कपूर ने भी एआई से पढ़ाई कर 96.8 फीसदी अंक प्राप्त किए हैं। समृद्ध ने बताया कि पढ़ाई के दौरान जब भी मन में सवाल उठते थे तो वह एआई की मदद लेते थे। एआई से जितना पूछते हैं, वह उसके साथ अतिरिक्त जानकारी भी देता है। दसवीं में 95.2 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले विद्भूषण त्रिपाठी ने भी पढ़ाई में एआई की सहायता ली। वह वर्कशीट में जो जवाब लिखते थे, उसे एआई से चेक करते थे। एआई का इस्तेमाल उन्होंने अपनी परफॉर्मेंस के विश्लेषण में भी किया। सालभर में विभिन्न जगहों पर दिए टेस्ट के परिणाम का आकलन कर एआई यह बताता था कि किस जगह मेहनत करने की जरूरत है। कमियों को सुधार कर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया।

मां को कैंसर, बेटे ने हासिल किए 96.8% अंक, चुनौतियों के बीच हासिल की गई यह उपलिब्घ बेहद खास

बरेली। गोल्डन ग्रीन पार्क निवासी और डोहरा रोड स्थित माधव राव सिंधिया स्कूल के छात्र दीपांश ने विपरीत परिस्थितियों में 10वीं की परीक्षा दी और 96.8 फीसदी अंक हासिल किए। उनकी मां दो साल से स्तन कैंसर से जूझ रही हैं। इस कारण घर में परेशानी का माहौल रहा। माता-पिता भी उनकी पढ़ाई में सक्रिय भूमिका नहीं निभा पाए।
विज्ञापन


दीपांश की मां डॉ. नीलम सिंह आरपी डिग्री कॉलेज मीरगंज में शिक्षिका हैं और पिता डालचंद सिंह मिलक में चिकित्साधिकारी हैं। डॉ. डालचंद सिंह ने बताया कि वह पत्नी के इलाज के लिए बरेली से दिल्ली तक की दौड़ लगा रहे थे। बेटे की पढ़ाई पर ध्यान देना मुश्किल हो गया था। दीपांश ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और ऑनलाइन कोचिंग के माध्यम से स्वयं तैयारी की और शानदार प्रदर्शन किया। दीपांश का लक्ष्य नीट परीक्षा उत्तीर्ण कर चिकित्सक बनना है।
चुनौतियों के बीच की पढ़ाई
दीपांश के परिवार के लिए बीते दो साल काफी चुनौतीपूर्ण रहे हैं। मां के गंभीर बीमारी की वजह से घर का माहौल तनावपूर्ण था। ऐसे में दीपांश की यह सफलता बेहद खास हो जाती है।

यूट्यूब और मां की मदद से हासिल किए 98.7% अंक
डोहरा रोड स्थित माधवराव सिंधिया स्कूल के छात्र आदि कुलश्रेष्ठ ने यूट्यूब और मां की मदद से 98.7 फीसदी अंक प्राप्त किए हैं। उन्होंने बताया कि उनकी मां शिक्षिका हैं। गणित व विज्ञान की तैयारी में उन्होंने काफी मदद की। अंग्रेजी व हिंदी की कोचिंग की। एआई की सहायता से सवाल बनाकर उन्हें स्वयं हल किया। स्वयं को सोशल मीडिया से दूर रखने के लिए ऑनलाइन पढ़ाई की। अलग-अलग एप का इस्तेमाल किया। वह रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया या प्रशासनिक सेवा में जाना चाहते हैं।
स्वयं के बनाए नोट्स होते हैं मददगार
बेदी इंटरनेशनल स्कूल के छात्र दुष्यंत सक्सेना ने 98.2 फीसदी अंक हासिल किए हैं। उन्होंने बताया कि नौवीं पास करने के बाद ही 10वीं की तैयारी शुरू कर दी थी। स्कूल में पढ़ाए गए विषयों के नोट्स खुद बनाए। इससे बार-बार रटने की आवश्यकता ही नहीं पड़ी। पढ़ाई से जब मन थकने लगता था तो मनोरंजन के लिए थोड़ी देर फोन चला लेते थे, फिर पढ़ाई में जुट जाते थे। दुष्यंत इंजीनियर बनना चाहते हैं। विद्यालय की प्रधानाचार्य जेके साहनी ने बताया कि विद्यालय के छात्र वारशे व अनमोल गंगवार ने 98 फीसदी अंक प्राप्त किए हैं।

सेल्फ स्टडी से प्राप्त किए 98.8 प्रतिशत अंक
बीबीएल स्कूल के छात्र कनिष्क ने सेल्फ स्टडी से 98.8 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। उन्होंने बताया कि सेल्फ स्टडी के साथ ही जो टॉपिक मुश्किल लगते, उनके लिए यूट्यूब वीडियो से सहायता ली। सोशल मीडिया से दूर रहने में मां ने सक्रिय भूमिका निभाई। वह विदेश में नौकरी करना चाहते हैं। विद्यालय की ही नैनिका प्रजापति ने भी 98.8 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। नैना के पिता ने भौतिक विज्ञान में उनका मार्गदर्शन किया। नैनिका ने नौवीं कक्षा से ही सोशल मीडिया से दूरी बना ली थी। इससे पढ़ाई पर फोकस करने में मदद मिली।
लकी ने 98.4, सुप्रियो ने हासिल किए 98.2% अंक
आर्मी पब्लिक स्कूल की छात्रा लकी सिंह ने 98.4 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। 98.2 प्रतिशत अंकों के साथ सुप्रियो घोष ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। शौर्य दुबे व सुशांत कुमार ने 97.4 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। विद्यालय के चेयरमैन ब्रिगेडियर शशांक बहुगुणा, प्रधानाचार्य डॉ. सरिता सिरोही, उप प्रधानाचर्य नंद किशोर माथुर ने उनको शुभकामनाएं दीं।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें