बरेली। सीबीगंज स्थित एफसीआई के गोदामों में रखे सैकड़ों क्विंटल गेहूं और चावल में घुन लगने और उस पर जहरीली दवा के छिड़काव के मामले में जल्द ही एक्सपर्ट की टीम खाद्यान्न की जांच कर उनके नमूने लेगी। सूत्र बताते हैं कि इसमें खाद्य एवं विपणन विभाग और फूड क्वालिटी के अधिकारियों को भी शामिल किया जाएगा। हालांकि एफसीआई गोदाम में दूषित और जहरीला बताए गए अनाज को सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी पीडीएस के लिए आवंटित करने के लिए फिलहाल रोक नहीं लगाई गई है।
एफसीआई गोदाम के पास सर्वोदयनगर के लोगों ने यह शिकायत की थी कि गोदाम से निकलकर घुन उनके घरों में घुस जाते हैं। घुनों के आंखों और नाक में घुसने से कई बच्चों की जान तक खतरे में पड़ चुकी है। जबकि एफसीआई प्रबंधन ने कोई एक्शन नहीं लिया। अब इस गोदाम में भंडारित सैकड़ों क्विंटल गेहूं और चावल में जबरदस्त घुन लगे होने और उस पर खतरनाक कीटनाशक का छिड़काव करने की शिकायत एफसीआई दिल्ली मुख्यालय पहुंचने के बाद विभागीय विजिलेंस के डिप्टी जनरल मैनेजर राजेश राव से एक्सपर्ट की टीम से इस मामले की जांच कराकर रिपोर्ट डीएम को भेजने के निर्देश दिए हैं। मामला प्रशासन के पास पहुंचने के बाद जांच के लिए गोदाम में स्टोर अनाज के नमूने लेने लिए एक्सपर्ट की टीम बनाई जा रही है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि जनहित में इस गोदाम में भंडारित अनाज को कोर्ट की दुकान पर न भेजने का आग्रह किया गया है, लेकिन प्रशासन ने फिलहाल इस पर कोई रोक नहीं लगाई है। डीएम नितीश कुमार ने बताया कि जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। जांच में पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी।