बरेली। कलक्ट्रेट में रिटायर हुए कर्मियों के विदाई समारोह में महिलाओं को लक्ष्य कर आपत्तिजनक चुटकुले सुनाने का मामला तूल पकड़ने के बाद शनिवार को कलक्ट्रेट मिनिस्ट्रीयल कर्मचारी संघ ने आपात बैठक बुलाकर खेद जताया गया। यह सफाई भी दी गई कि कार्यक्रम एडीएम प्रशासन की मौजूदगी में हुआ था। अगर कुछ आपत्तिजनक होता तो वह भी संज्ञान लेते। हालांकि इस मामले में विरोध करने वाली महिला कर्मचारियों ने इस पर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं जताई है। दो रिटायर कर्मचारियों का 31 जुलाई को कलक्ट्रेट सभागार में विदाई समारोह आयोजित किया गया था, जिसमें शामिल हुए कुछ पूर्व कर्मचारियों ने ऐसे आपत्तिजनक चुटकुले सुनाए थे जिन पर महिला कर्मचारी बिफर गई थीं। चूंकि यह प्रकरण ऐन तब हुआ जब वरिष्ठ सपा नेता आजम खां का भाजपा की सांसद रमा देवी पर टिप्पणी का मामला सुर्खियों में था, इसलिए चर्चा यह भी शुरू हो गई थी कि आजम खां जैसे सख्तमिजाज नेता को जब लोकसभा में माफी मांगनी पड़ी तो कलक्ट्रेट में महिलाओं का कैसे अपमान किया जा सकता है। महिलाओं समेत कई कर्मचारियों ने कलक्ट्रेट मिनिस्ट्रियल कर्मचारी संघ अध्यक्ष और सचिव से इस मामले में शिकायत कर कार्रवाई की भी मांग की थी।
पहले तो इस पत्र को गंभीरता से नहीं लिया गया लेकिन शनिवार को अमर उजाला में यह खबर छपने के बाद आनन-फानन में संघ की आपात बैठक बुलाई गई। इसमें सभी पदाधिकारियों को अनिवार्य रूप से मौजूद रहने के निर्देश दिए गए। शनिवार शाम हुई इस बैठक में पहले तो पदाधिकारियों ने यह सफाई दी कि विदाई समारोह में महिलाओं पर आधारित चुटकुले तो सुनाए गए थे लेकिन उनका आशय महिलाओं का अपमान करना नहीं था। पदाधिकारियों ने कहा कि कार्यक्रम में एडीएम प्रशासन भी मौजूद थे, इसलिए कार्यक्रम में अश्लीलता होने का प्रश्न ही नहीं उठता लेकिन फिर भी किसी के सम्मान को ठेस पहुंची है तो इसके लिए उन्हें खेद है। बैठक में हुई चर्चा और फैसले से संगठन की ओर से सभी सदस्यों को भी अवगत करा दिया गया। इससे पहले कलक्ट्रेट कर्मचारियों के बीच सुबह से शाम तक इस प्रकरण पर चर्चा होती रही।