एडीजी जोन ने अफसरों को दिए दिशा-निर्देश
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बरेली में एडीजी जोन पीसी मीना ने मंगलवार सुबह अपने कैंप कार्यालय में जिले भर के पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। कप्तान से इंस्पेक्टर तक की मौजूदगी में कांवड़ यात्राओं व मोहर्रम जुलूस की रूपरेखा बनाई गई। वहीं जोगी नवादा की घटना को लेकर एडीजी ने नाराजगी जताई, उन्होंने आईजी को घटना की जांच सौंपी है।
एडीजी पीसी मीना से लेकर आईजी राकेश सिंह व एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने पुराना शहर में संवेदनशील स्थानों का भ्रमण कर एहतियात बरतने के निर्देश दिए थे। ड्रोन से घरों की छत दिखवाने को कहा गया था ताकि पथराव जैसी घटनाओं को टाला जा सके। बावजूद जोगी नवादा में पथराव हो गया। इसी के कारणों का पता लगाने के लिए एडीजी ने कैंप कार्यालय पर बैठक बुलाई।
बैठक में जिले भर से इंस्पेक्टर व अन्य अधिकारी मौजूद रहे। एडीजी ने अफसरों के साथ मंथन में पाया कि मौके पर मौजूद फोर्स कम होने और खुफिया इनपुट कमजोर होने से घटना हुई। कई अन्य बिंदुओं पर चर्चा हुई। एडीजी ने बैठक में मौजूद आईजी रेंज ड़ॉ. राकेश कुमार सिंह को प्रकरण की विस्तृत जांच और दोषियों पर कार्रवाई तय करने की जिम्मेदारी सौंप दी।
मोहर्रम और कांवड़ यात्रा को लेकर ये दिए निर्देश
- हर थाना क्षेत्र में धर्मगुरुओं, व्यापारियों, जनप्रतिनिधियों व पुलिस के रिटायर कर्मियों के साथ मीटिंग जरूर करें।
- मोहर्रम पर खास प्वाइंट पर पर्याप्त पुलिस बल नियुक्त किया जाए। क्यूआरटी का गठन कर लें और जुलूसों में ड्यूटी बॉक्स फॉरमेशनमें लगाई जाए।
- सभी पुलिस अधिकारी व कर्मचारी अपने क्षेत्र में ताजियों के मार्ग पर नियमित फुट पेट्रोलिंग करें।
- सोशल मीडिया पर निगरानी रखते हुए भड़काऊ पोस्ट करने वाले अराजक तत्वों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
- ताजिये ले जाने वाले मार्ग पर सीसीटीवी कैमरे व ड्रोन कैमरे से निगरानी की जाए।
- ताजिये मार्ग पर गड्ढे, जलभराव, प्रकाश की सही व्यवस्था व लटके बिजली तारों को सही करा लें।
- अराजक तत्वों को चिन्हित कर निरोधात्मक कार्रवाई पहले ही कर लें।
- ऑपरेशन दृष्टि के तहत सभी थाना प्रभारी अपने क्षेत्र के संभ्रांत लोगों को अपने घर पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए प्रेरित करें।
- किसी थाना क्षेत्र में गोकशी की घटना न होने पाए।
- गोकशी के मुकदमों में कार्रवाई की समीक्षा कर अभियुक्तों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
- महिला अपराधों को गंभीरता से लें और जल्दी खुलासे करें।
- गंभीर अपराधों में पुलिस विवेचनाओं का त्वरित निस्तारण करके दोषियों को सजा दिलाए।