त्वरित सेवा के लिए पहचान बना चुकी यूपी 100 को पुलिस विभाग और सशक्त करने जा रहा है। एडीजी ने जोन के सभी यूपी 100 प्रभारियों को बरेली बुलाकर काम के विस्तार, तेजी और पारदर्शिता संबंधी टिप्स दिए। बताया कि इवेंट की कॉल न होने के बहाने गाड़ी में आराम फरमाने की बजाय आसपास के प्वाइंट पर सिस्टम से जुड़े दूसरे काम करें। इससे आपकी उपयोगिता बढ़ेगी।
एडीजी जोन अविनाश चंद्र ने अपने कार्यालय सभागार में गोष्ठी के दौरान बरेली और मुरादाबाद मंडल के सभी नौ जिलों से आए यूपी 100 प्रभारी इंस्पेक्टरों और वाहन तकनीकी स्टाफ से कार्य और उनकी समस्याओं पर चर्चा की। किस जिले में कितनी यूपी 100 गाड़ियां खराब हैं, कितनी गाड़ियों में छोटी और कितनी में बड़ी समस्या है, कितना स्टाफ कहां ज्यादा और कहां कम है? जैसे सवाल पूछकर व्यवस्था दुरुस्त करने को डाटा जुटाया।
सेवा को और बेहतर बनाने के टिप्स दिए गए। एडीजी ने प्रभारियों को बताया कि जब आपकी गाड़ी बैंक के पास खड़ी हो तो इवेंट न होने पर आप संदिग्ध लोगों से पूछताछ या तलाशी लेकर स्थानीय पुलिस और बैंक प्रबंधन की मदद कर सकते हैं। कॉलेज के पास प्वाइंट होने पर एंटी रोमियो स्कवॉड का काम करें तो चौराहों पर खड़े हों तो ट्रैफिक पुलिस की तर्ज पर यातायात प्रबंधन करें। कुल मिलाकर पुलिसकर्मी के तौर पर सकारात्मक काम करते हुए अपनी जिम्मेदारी निभाएं और विवादों से दूर रहें। बैठक में एडीजी के स्टाफ ऑफीसर ओपी यादव भी मौजूद रहे।