बरेली में जीरो प्वाइंट पर अधिकारियों को निर्देश देते एडीजी।
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औरेया की घटना के बाद डीएम और एसएसपी ने भी मीरगंज क्षेत्र में घूमकर देखी व्यवस्था
बरेली। डीजीपी ने देर रात प्रवासी मजदूरों की देखरेख को लेकर लंबीचौड़ी गाइड लाइन जारी की तो उधर शनिवार की सुबह औरेया की घटना ने सबको झकझोर दिया। घटना के बाद प्रवासी मजदूरों का हाल देखने अफसर दौड़ पड़े। एडीजी ने रामपुर के मिलक तक जाकर हालात देखे तो डीएम और एसएसपी ने भी मीरगंज तक व्यवस्था देखी।
डीजीपी ने स्पष्ट आदेश दिया है कि सड़क पर कोई मजदूरों का जत्था पैदल चलकर जाते नहीं दिखना चाहिए। ऐसा मिला तो संबंधित थाना प्रभारी सीधे तौर पर दोषी माने जाएंगे।
आदेश अनुपालन को एडीजी ने रामपुर जिले के मिलक तक दौरा किया। रास्ते में मीरगंज, फतेहगंज पश्चिमी व सीबीगंज पुलिस के ड्यूटी प्वाइंट चेक किए और स्टाफ को निर्देश दिए। सीओ टू सीमा यादव भी इस दौरान मौजूद रहीं। एडीजी को रास्ते में कुछ स्थानों पर मजदूरों के जत्थे जाते मिले। उनसे पूछताछ की गई तो स्थानीय पुलिस का कोई फाल्ट नहीं मिला। इस पर उन्हें मीरगंज के होल्डिंग एरिया में भिजवा दिया गया। सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए कि प्रवासी मजदूरों को देखते ही नजदीकी शेल्टर होम में भेजने की व्यवस्था करें। बाकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन संभालेगा। डीएम नितीश कुमार व एसएसपी शैलेश पांडेय ने भी इस रूट का निरीक्षण कर व्यवस्था देखी।
बरेली जोन में 17 हजार से ज्यादा प्रवासी मजदूर आए, खतरा बढ़ा
बरेली। बरेली जोन में दूसरे प्रांतों से अब तक करीब 30 हजार मजदूर अपने घरों को लौटे हैं। इनमें से ज्यादातर को उस वक्त थर्मल स्क्रीनिंग के बाद घर भेज दिया गया था। अब इन्हीं से संक्रमण फैल रहा है। एडीजी जोन कार्यालय में इनका आंकड़ा जुटाया जा रहा है। अभी तक 17094 मजदूरों के जोन के नौ जिलों में आने की पुष्टि हुई है।
कार्यालय के मुताबिक कोटा, अलीगढ़ व प्रयागराज से 1399 विद्यार्थी अब तक जोन के जिलों में स्थित अपने घरों को आ चुके हैं। हरियाणा से 6138 मजदूर, मध्यप्रदेश से दस मजदूर, हिमाचल से आठ, उत्तराखंड से 1358, राजस्थान से 2205, गुजरात से 5580, पंजाब से 893 मजदूर आ चुके हैं। इनमें ट्रेन के अलावा बसों से आने वाले मजदूरों का आंकड़ा भी शामिल है।