वरिष्ठ अधिवक्ता गिरवर सिंह कन्नौजिया
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वकील को किडनी की बीमारी की दवा लेने जाना था नोएडा
बरेली। किडनी की बीमारी की दवा न मिलने से शहर निवासी वकील की जान पर बन आई। स्थानीय अफसरों से गुहार का असर न हुआ तो वकील ने अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी से गुहार की। उनकी अनुमति पर वकील सोमवार को नोएडा रवाना हो गए।
लीलाकुंज निवासी वरिष्ठ अधिवक्ता गिरवर सिंह कन्नौजिया ने अवस्थी को भेजे पत्र में बताया कि वह किडनी ट्रांसप्लांट करा चुके हैं। इसकी दवा लेने उन्हें कुछ दिन बाद बेटी के घर नोएडा जाना पड़ता है। उनकी दवा खत्म हो चुकी है और उन्हें नोएडा जाकर दवा लानी है। वह बरेली में कई बड़े अफसरों को समस्या बता चुके हैं पर लॉकडाउन के चलते कोई परमीशन नहीं दे रहा। अवस्थी ने जरूरत को समझते हुए वकील के साथ ही उनके ड्राइवर को कार से नोएडा आने जाने की अनुमति दे दी।
लखनऊ में फंसे बरेली के युवक ने मदद मांगी
इज्जतनगर के शिवाजी पुरम निवासी भरत भट्ट लॉकडाउन से पहले नौकरी के सिलसिले में लखनऊ में रिश्तेदार के यहां गए थे। इस बीच लॉकडाउन की घोषणा हो गई। भरत ने सोशल मीडिया के जरिये लखनऊ और बरेली के अफसरों को बताया कि बरेली उनके घर में छोटे बच्चे और पत्नी हैं। इनकी आजीविका और बूढ़े माता पिता की दवा का इंतजाम भी वही करते हैं। इस कारण घर लौटना जरूरी है। उनकी मदद की जाए।
फल विक्रेता के बेटे की जान पर बनी
सराय मोहल्ला निवासी फल विक्रेता अनीस के आठ साल के बेटे कैफी की रविवार रात को हालत बिगड़ गई। उसे दौरे पड़ते हैं। अनीस किसी तरह जिला अस्पताल ले गए तो वहां भर्ती करने से मना कर दिया। बाद में निजी एंबुलेंस से वह कई प्राइवेट अस्पतालों में गए पर इलाज नहीं हुआ। फिर चौकी चौराहे के पास एक अस्पताल ने बेटे को भर्ती किया तो उसकी जान बच सकी।