कोरोना संक्रमण के खतरे की वजह से रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन ने बनाया नियम
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नोएडा से एक युवक के कॉलोनी में घर लौटने के बाद एक दिन पहले हुआ था हंगामा
बरेली। नार्थ सिटी एक्सटेंशन में अब किसी और शहर से आने वाले व्यक्ति को तभी प्रवेश मिलेगा जब वह 14 दिन कहीं क्वारंटीन रहकर आएगा। कॉलोनी की रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन ने यह फैसला रविवार को नोएडा से आए एक युवक की गलतबयानी का खुलासा होने के बाद लिया है। इस युवक ने खुद को लखनऊ से आया बताया था। बाद में असलियत का खुलासा हुआ तो लोगों ने जमकर हंगामा किया।
कॉलोनी के लोगों के मुताबिक कॉलोनी में रहने वाले एक वेटरनरी ऑफिसर का बेटा नोएडा की एक आईटी सेक्टर कंपनी में काम करता है जो रविवार को लौटा तो उसने खुद को लखनऊ से आना बताया। रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन ने छानबीन की तो पता चला कि वह लखनऊ नहीं बल्कि नोएडा से आया है, इस पर कॉलोनी में आक्रोश फैल गया। उन्होंने युवक के पिता को पुलिस को जानकारी देने की चेतावनी दी तो उन्होंने बेटे की गलतबयानी पर खेद जताते हुए उसकी सुबह जिला अस्पताल में जांच कराने का भरोसा दिलाया। हालांकि इसके बाद भी एसोसिएशन की सूचना पर सुबह दस बजे जिला अस्पताल का स्टाफ और पुलिस पहुंच गई और युवक को जिला अस्पताल में जांच कराने को कहा। जिला अस्पताल पहुंचे युवक की काउंसलिंग के बाद उसे 14 दिन होम क्वारंटीन रहने को कहा गया। रविवार दोपहर कॉलोनी में नगर निगम ने सैनिटाइजेशन भी कराया।
क्वारंटीन का नियम सब पर लागू होगा
इस घटना के बाद आनन-फानन में रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन की एक बैठक बुलाकर फैसला लिया गया कि कॉलोनी में बाहर से आने वाले लोगों को पहले बाहर ही कहीं 14 दिन क्वारंटीन रहना पड़ेगा। इसके बाद ही उसे कॉलोनी में घुसने दिया जाएगा। रियल एस्टेट कारोबारी पंकज सिन्हा के मुताबिक यह नियम सब पर लागू होगा। भाजपा महानगर महिला मोर्चा की अध्यक्ष इंदु ने बताया कि बाहर से शहर में आ रहे लोग खतरा बन सकते हैं। ऐसे में उन्हें क्वारंटीन करना बेहद जरूरी है।
कालीबाड़ी में दिल्ली से आए युवक को बुुुखार
कालीबाड़ी पर एक मेडिकल हॉल के सामने गली में दस दिन पहले दिल्ली से लौटे एक युवक की तबियत दिन ब दिन बिगड़ती जा रही है। उसे तेज बुखार हो रहा है। लोगों ने उसकी सूचना जिला अस्पताल के हेल्पलाइन नंबर समेत सिविल डिफेंस के हेल्पलाइन नंबरों पर दी लेकिन कोई रिस्पांस नहीं मिला।