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महंगी किताबें बेंचने पर फंसा स्कूल, कार्रवाई के आदेश

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बरेली। स्कूल से महंगी किताबें बेचे जाने की एक अभिभावक की शिकायत जांच सही पाई गई है। अधिकारियों ने स्कूल प्रबंधन से मान्यता के कागज दिखाने को कहा तो प्रबंधन कोई प्रमाण नहीं दिखा सका। अब स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
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चौधरी तालाब के पास स्थित क्रिएथिक्स स्कूल में किताबें वास्तविक मूल्य से अधिक दामों पर बेचने की शिकायत की गई थी। एक अभिभावक ने डीआईओएस को बताया कि उससे तीन किताबों के 2800 रुपये वसूले गए हैं। डीआईओएस ने इसकी जांच जीआईसी की कार्यवाहक प्रधानाचार्या कुसुम राजपूत से कराई। जांच में आरोप सही पाए गए। इस पर प्रबंधक को बुलाकर मान्यता के कागज दिखाने के लिए कहा गया, लेकिन वह कोई कागज नहीं दिखा सके। अब इस मामले में डीआईओएस ने बीएसए को कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेज दी है। स्कूल प्रबंधक तरुण जगोता का कहना है कि स्कूल पहले क्रिएथिक्स पब्लिक स्कूल के नाम से संचालित था। उसकी मान्यता उनके पास है, लेकिन पिछले साल स्कूल का नाम क्रिएथिक्स इंटरनेशनल कर दिया गया। इसकी मान्यता के लिए आवेदन किया गया है। अभी मान्यता के कागज नहीं मिले हैं। किताबों की बिक्री के सवाल पर उन्होंने कहा कि स्कूल कैंपस से किताबों की बिक्री नहीं की गई है। लॉकडाउन के कारण स्कूल बंद है। ऑनलाइन क्लास चल रही हैं। बुक सेलर ने स्कूल में किताबें रख दी थीं।
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