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Bareilly News: ठगी के आरोपी ज्ञानेश ने उगले गुर्गों के राज, तेज होगी धरपकड़

Sat, 13 Jul 2024 06:12 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
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बरेली। महाराष्ट्र से पकड़े गए पचास हजार के इनामी ठगी के आरोपी ज्ञानेश पाठक को गिरफ्तार कर एसटीएफ ने किला पुलिस के हवाले कर दिया। उस पर उत्तराखंड तक 39 धोखाधड़ी के मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें से दस बरेली कोतवाली व किला थाने के हैं। प्रयागराज निवासी ज्ञानेश से दोनों थानों की पुलिस ने पूछताछ कर उसे जेल भेज दिया। उसने अपने साथियों और गुर्गों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी।
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जेकेवी कंपनी के डायरेक्टर ज्ञानेश पाठक की गिरफ्तारी में एसटीएफ के सक्रिय होने पर बरेली एसएसपी अनुराग आर्य ने उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। साथ ही आईजी डॉ. राकेश सिंह ने ज्ञानेश पर पचास हजार का इनाम घोषित कर दिया। एसटीएफ प्रयागराज की टीम ने उसे महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार कर लिया।
उसका नागपुर कोर्ट से 72 घंटे का रिमांड लिया गया। टीम बृहस्पतिवार रात ज्ञानेश को लेकर बरेली के किला थाने पहुंची। यहां इंस्पेक्टर हरेंद्र सिंह ने उसे अभिरक्षा में ले लिया। शुक्रवार को एसटीएफ टीम चली गई। किला थाने में ही कोतवाली पुलिस ने जाकर अपने मुकदमों के सिलसिले में ज्ञानेश से पूछताछ की।
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ज्ञानेश और उसके आठ साथियों ने लगाया था चूना
पुलिस को ज्ञानेश के मोबाइल से उसके कई साथियों की जानकारी मिली है। इज्जतनगर के परतापुर चौधरी निवासी सलीम ज्ञानेश पाठक का खास गुर्गा है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। वहीं ज्ञानेश के अन्य साथी मुरादाबाद निवासी मोहम्मद सलीम, लखनऊ के प्रबल कौशिक और विकासनाथ, दिल्ली के मनीष कौशल, उत्तराखंड काशीपुर के रविंद्र चौहान और गाजियाबाद के बागेश मिश्रा को एसटीएफ भी खोज रही है।


ठगों ने किला में खोला था दफ्तर, सब्जबाग दिखाए
महाठग ज्ञानेश ने कंपनी का दफ्तर किला क्षेत्र में खोला था। इसमें ज्ञानेश के साथी भी बैठते थे। ज्ञानेश ने शहर में करोड़ों रुपये की ठगी कर ली और दफ्तर बंद कर फरार हो गया था। ठगी के शिकार लोग जब कंपनी के मुख्य दफ्तर लखनऊ गए तो वहां से धमकी देकर भगा दिया गया। उस समय किला थाने में ठगी के पीड़ितों की रिपोर्ट तक दर्ज नहीं की गई थी। इसलिए पीड़ितों ने न्यायालय के जरिये रिपोर्ट दर्ज कराई थी। नवाबगंज सेंथल पट्टी के गांव लाठपुर उस्मानपुर निवासी अनीस ने रिपोर्ट में बताया था कि जेकेवी के डायरेक्टर ज्ञानेश पाठक उसके साथी सलीम, शिवाकांत त्रिपाठी, प्रबल कौशिक, मनीष कौशल, रविंद्र चौहान, विकासनाथ त्रिपाठी, बागेश मिश्रा और मोहम्मद सलीम ने कम समय में रुपये दोगुना करने का झांसा दिया था। कंपनी के लोगों ने बताया था कि रुपये नहीं लेने वाले निवेशकों को शहर में प्लॉट लेने का विकल्प दिया जाएगा। इस कारण सैकड़ों लोगों ने कंपनी की विभिन्न स्कीमों में रुपये निवेश किए।
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