बैठक में पहुंचे जीएसटी डिप्टी कमिश्नर के सामने व्यापारियों ने कीं शिकायतें,
फरीदपुर। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल की फरीदपुर इकाई की मासिक बैठक में शुक्रवार को पहुंचे जीएसटी डिप्टी कमिश्नर के सामने व्यापारियों ने उत्पीड़न व रिश्वत खोरी का आरोप लगाया। व्यापारियों ने कहा कि जीएसटी रजिस्ट्रेशन करने पर उनका वेरिफिकेशन करने के नाम पर 2500 रुपये की वसूली की जाती है। इसके बाद कमिश्नर ने कहा कि व्यापारियों का उत्पीड़न बिल्कुल नहीं होगा। नियम अनुसार कार्य कराया जाएगा।
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल की बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में स्टेट डिप्टी कमिश्नर जीएसटी आशीष पांडे, विशिष्ट अतिथि एसटीओ जीएसटी नितेश सिंह पहुंचे। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने कहा कि जीएसटी के प्रत्येक रजिस्ट्रेशन पर अगर व्यापारी 2500 रुपये नहीं देते हैं तो कर्मी तमाम तरह की खामियां निकालते हैं। व्यापारी का कोई माल गाड़ी से आता है तो जीएसटी अधिकारी उसे रोकते हैं। बल और आधार कार्ड देखने के बाद उनसे पैन कार्ड भी मांग कर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हैं। जिस पर जीएसटी के डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि केवल बिल और आधार कार्ड देखा जाता है। पैन कार्ड दिखाने के नाम पर कोई भी व्यापारी को परेशान नहीं कर सकता है। अगर कोई समस्या है तो शिकायत कर सकते हैं। मामले में समाधान कराया जाएगा।
स्टेट डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि कुछ लोग जीएसटी का टैक्स चोरी करते हैं। व्यापारी मंगाया हुआ माल तो अधिक रुपये का दिखा देते हैं। लेकिन उसका लाभ बिल्कुल नहीं दिखाते हैं। यह कैसे संभव हो सकता है। कार्यक्रम में व्यापार मंडल के संयुक्त प्रदेश महामंत्री राजेश जसोरिया, नगर कोषाध्यक्ष अनुज शुक्ला, नगर अध्यक्ष अमरीश अग्रवाल, तहसील महामंत्री एवं प्रदेश मंत्री अनुज पांडे आदि मौजूद रहे। संवाद