बरेली। कैंट इलाके में अपहरण और फिरौती के मुकदमे से नाम निकलवाने के बहाने डेढ़ लाख रुपये हड़पने का आरोप लगाकर पीड़ित की पत्नी ने आरोपी के खिलाफ कैंट थाने में मामला दर्ज कराया है।
बदायूं के थाना बिनावर के गांव शेरगंज निवासी लीलावती ने कैंट थाना प्रभारी राजेश कुमार को बताया कि वह और उनके पति देवाराम उर्फ बंटी वर्तमान में कैंट के कांधरपुर में रहते हैं। देवाराम पर पिछले साल अपने साथियों की मदद से पंजाब के कपूरथला निवासी दर्शन सिंह का अपहरण कर परिजनों से डेढ़ लाख रुपये फिरौती वसूलने का आरोप लगा था। दर्शन सिंह के भाई बलविंदर ने कैंट थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
एसएसपी अनुराग आर्य ने फिरौती वसूलने वालों को पकड़ने के लिए एसआईटी का गठन किया था। इस मामले में देवाराम का नाम आने के बाद पुलिस उनके पति की तलाश में दबिश दे रही थी। इसी दौरान देवाराम की मुलाकात सिरौली के गुरुगांव मुस्तकिल निवासी तरुण सिंह से हुई।
तरुण ने नेताओं से अपने संबंधों का हवाला देकर मुकदमे से नाम निकलवाने का आश्वासन दिया। देवाराम ने झांसे में आकर 50 हजार रुपये तरुण के खाते में डाल दिए। इसके बाद भी एसआईटी उनके पति देवाराम की तलाश में दबिश दे रही थी।
जब देवाराम ने तरुण से दबिश की बात बताई तो उसने देवाराम के भाई राहुल को जेल भिजवाने की धमकी दे डाली। देवाराम ने दहशत में आकर एक लाख रुपये तरुण को और दे दिए। पुलिस ने अपहरण और फिरौती वसूलने के आरोपी देवाराम को गिरफ्तार कर लिया, कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया।
महिला ने रुपये वापस मांगे तो तरुण मामला निपटाने के दो लाख रुपये और मांगने लगा। रुपये नहीं मिलने पर देवाराम के भाई व परिवार को भी फंसाने की धमकी दी। तरुण देवराम की पत्नी लीलावती को भी पूरा परिवार खत्म करने की धमकी दे रहा है।