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UP News: दर्द से कराहती थी तो दवा देकर देह व्यापार कराते थे आरोपी, बरेली में बेची गई किशोरी की आपबीती

Sun, 15 Mar 2026 04:41 PM IST
Mukesh Kumar अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बरेली में देह व्यापार रैकेट से बचाई गई किशोरी की कहानी दिल झकझोर देगी। पीड़ित ने आपबीती बताई तो पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए। पीड़िता के मुताबिक आरोपी उससे जबरन देह व्यापार कराते थे। बंधक बनाकर रखते थे। वह दर्द से कराहती रहती थी, लेकिन आरोपी उस पर रहम नहीं करते थे। दर्द निवारक दवा देकर ग्राहक के पास भेजते थे। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली के सेटेलाइट बस अड्डे के आसपास और पीलीभीत रोड के कई होटल अघोषित रूप से देह व्यापार रैकेट संचालकों के साझीदार बने हुए हैं। वाराणसी की किशोरी को बेचने और देह व्यापार के आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ये सच्चाई सामने आई है। अब चिह्नित होटलों के मालिक व मैनेजर भाग गए हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। वहीं, पीड़ित किशोरी ने पुलिस को जो बातें बताई हैं, वो रोंगटे खड़े करने वाली हैं। 

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एसपी सिटी मानुष पारीक ने जब पीड़ित किशोरी से उसके परिजनों का नंबर मांगा तो उसे याद नहीं था। उसके बताए पते के आधार पर पुलिस ने संपर्क किया तो पता लगा कि उसके परिवार ने भी बेटी की गुमशुदगी दर्ज करा रखी है। किशोरी के पिता दिव्यांग हैं और दो भाई मजदूरी करते हैं। जब किशोरी के एक भाई का मोबाइल नंबर जुटाकर कॉल की तो आवाज सुनते ही किशोरी फफफ पड़ी। भाई से कहा कि जल्दी आ जाओ। भाई ने अधिकारियों को बताया कि वह झांसी में है और रात तक बरेली आ जाएगा।

रोने पर पिटाई करते थे आरोपी 
किशोरी ने बताया कि वह जब रोती या घर जाने को कहती तब बबली, विनोद और खलील उसकी पिटाई करते थे। लगातार ग्राहकों के आने से उसके शरीर में दर्द होता था तो ये लोग मेडिकल स्टोर से दर्द निवारक गोली लाकर देते थे। उसे सिर्फ खाना दिया जाता था। पूरी कमाई बबली रखती थी। उसे बबली ने दिखावे के लिए मोबाइल दे रखा था ताकि वह यूट्यूब आदि देखकर मन बहला ले। कई बार वह अच्छे व्यवहार वाले ग्राहकों के सामने रोती थी और यहां से निकलने में मदद मांगती थी तो वह लोग उसे अपने नंबर दे जाते थे। थोड़ी देर बाद बबली उसका फोन चेक करके सब डिलीट कर देती थी। वह अपनी इच्छा से किसी को कॉल भी नहीं कर सकती थी।

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खरीद-फरोख्त करती है सरगना बबली खान उर्फ नेहा यादव
बबली खान ने स्वीकार किया कि वही इस गिरोह की सरगना है। कम उम्र की लड़कियों को खरीदकर उनसे देह व्यापार कराती है। रिया से उसने पीड़ित किशोरी को खरीदा था। उसके गिरोह के सदस्यों के काम भी बंटे हुए हैं। बबली ग्राहकों से सौदा तय करती है। लड़की को स्कूटी से लाने-ले जाने का काम विनोद, खलील खान, जसलीन व दुर्गावती का होता है। ये लोग लड़की को बीच में बैठाकर बाइक चलाते हैं ताकि वह भाग न सके। एसपी सिटी ने बताया कि बबली का असली नाम नेहा यादव है। खलील से निकाह के बाद उसने नाम बदल लिया है। विनोद ने आधार कार्ड में हेरफेर कराई थी।

इंस्टाग्राम से पसंद कराते थे लड़की, व्हाट्सएप कॉल पर तय होता था भाव
किशोरी ने अधिकारियों को बताया कि विनोद यादव उसे चनेहटी के कमरे में बंधक बनाकर रखता था। बबली उसकी व अन्य लड़कियों की तस्वीर इंस्टाग्राम व टेलीग्राम जैसे अकाउंट पर ग्राहकों को भेजती थी। फिर उनके रूप-रंग के आधार पर व्हाट्सएप कॉल पर सौदा तय होता था। तय रकम एडवांस लेकर उनको ग्राहकों को सौंप देते थे और खुद बाहर पहरेदारी करते थे। पता लगा कि जालंधर की मूल निवासी जसलीन बिजनौर में आकर बस गई है। वह भी बबली की सहयोगी है और लड़कियां सप्लाई करती है। नेपाल की दुर्गावती जरूरतमंद थी। उसे जसलीन ने ही बबली के गिरोह में शामिल कराया था।
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कई होटलों में हो रहा देह व्यापार 
अधिकारियों ने आरोपियों से पूछताछ की तो पता लगा कि सेटेलाइट का होटल मूडी मून, लिटिल क्राउन, पीलीभीत बाइपास का ग्रीन एप्पल होटल व मामा-भांजा रेस्टोरेंट समेत कई अन्य होटल वालों से देह व्यापार रैकेट संचालकों की मिलीभगत है। चिह्नित होटलों में गिरोह के लोग बेरोकटोक तरीके से आवागमन करते हैं। यहां घंटों के हिसाब से कमरा मिल जाता है। नाबालिगों के कागजात भी गंभीरता से चेक नहीं किए जाते हैं।

यही वजह रही जो उम्र और लंबाई में बेहद छोटी वाराणसी निवासी किशोरी को फर्जी आधार कार्ड से बालिग बनाकर पेश किया गया और होटल प्रबंधन ने जांच की जरूरत नहीं समझी। सीओ तृतीय ने बताया कि असली आधार कार्ड में पीड़िता की जन्मतिथि 2011 है, जबकि धंधेबाजों ने उसकी जन्मतिथि 2007 दर्शाकर फर्जी आधार कार्ड बनवा लिया था। होटल लिटिल क्राउन के संचालक भाग गए हैं। अन्य चिह्नित होटलों के संचालकों की भी तलाश की जा रही है।
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