बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) का फर्जी नक्शा दिखाकर लोगों को भूखंड दिलाने का झांसा देकर चार करोड़ से अधिक की ठगी करने के आरोपी खुर्रम गौटिया निवासी दिलीप कुमार को बरेली से गिरफ्तार कर लिया गया। ठगी की जांच आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन लखनऊ की टीम कर रही थी। वहां की टीम ने स्थानीय पुलिस की मदद से आरोपी की गिरफ्तारी की और उसे लखनऊ ले गई।
दिलीप कुमार कृष्णा आवासीय समिति का संचालक था। उसने बीडीए का फर्जी नक्शा दिखाकर लोगों को भूखंड देने के नाम पर चार करोड़ से अधिक रकम की ठगी की। इसके बाद भूमिगत हो गया था। इस मामले में प्रेमनगर थाने में आधा दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हुए थे। वर्ष 2010 में शासन के आदेश पर इन मुकदमों की विवेचना आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन को ट्रांसफर कर दी गई। विवेचना के दौरान दोषी पाए जाने पर न्यायालय ने दिलीप के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।
सुरागकशी से मिली सफलता
लखनऊ की टीम दिलीप की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही थी। इसके बावजूद वह 15 साल से हाथ नहीं आ रहा था। इस बार टीम को दिलीप के बरेली में होने की सूचना मिली तो शनिवार को उसे दबोच लिया गया। शाम के वक्त टीम उसे लखनऊ ले गई। वहां उससे पूछताछ की जा रही है।