स्कूल में अवैध रूप से चल रहे देहात परमिट के एक खस्ताहाल टेंपो से छिटक कर शुक्रवार को पीलीभीत-बरेली हाईवे पर एक मासूम बच्चे की मौत हो गई। टेंपो से गिरने के बाद उसे स्कूल वाले अस्पताल ले गए लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
अभिभावकों के दिलों को कंपा देने वाला यह हादसा शुक्रवार को करीब 11.30 बजे उदरनपुर गांव की पुलिया पर हुआ। हाफिजगंज क्षेत्र के गोशलपुर गांव निवासी प्रेमपाल गंगवार का बड़ा बेटा आठ साल का प्रियांशु रिठौरा के जीएलवी पब्लिक स्कूल में तीसरी कक्षा में पढ़ता था। उसका छोटा भाई पांच वर्षीय प्रियांजल भी इसी टेंपो में था, एनसी का छात्र है। आठ लोगों के लिए बने इस टेंपो में 14 बच्चे सवार थे। स्कूल से लौटते समय बरेली-पीलीभीत हाईवे पर उदरनपुर गांव की पुलिया के पास टेंपो का पहिया सड़क के गड्ढे में चले जाने से टेंपो अनियंत्रित हो गया। अचानक झटका लगने से टेंपो में बैठा प्रियांशु झटके के साथ बाहर की तरफ उछला। प्रत्यक्षदर्शी बच्चों के मुताबिक इस पर प्रियांशु न बचने के लिए टेंपो का बंफर पकड़ने की कोशिश की लेकिन टेंपो की रफ्तार तेज होने की वजह से प्रियांशु दूर तक घिसटता चला गया। उसका हाथ छूटते ही टेंपो का पिछला पहिया प्रियांशु के सिर के ऊपर से गुजर गया।
अन्य बच्चों के चीखने पर चालक ने टेंपो रोका और घायल छात्र को उठाकर पहले दूसरे टेंपो से स्कूल ले गया। स्कूल के टीचर फौरन प्रियांशु को एक निजी अस्पताल ले गए जहां उसने दम तोड़ दिया। हादसे की सूचना मिलने पर परिवार वाले और ग्रामीण अस्पताल पहुंचे तो कोहराम मच गया। अपने लाडले की लाश देखकर मां अर्चना बेसुध होकर गिर गई।