बरेली। रविवार को आशा दिवस सम्मेलन में एमजेपी रुहेलखंड विश्वद्यिालय के सभागार में इकट्ठा हुईं आशा कार्यकत्रियाें की कई शिकायतें सामने आईं। इस पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियाें ने आशाआें को साफ कहा कि वे सुधर जाएं नहीं तो उन्हें हटाने में विभाग पीछे नहीं रहेगा। आशाआें की ओर से मरीजाें को प्राइवेट अस्पताल में ले जाने की बात का भी सम्मेलन में खुलासा हुआ।
आशा दिवस सम्मेलन में सभी अधिकारी आशाआें पर जमकर बरसे। संयुक्त निदेशक डॉ. सुबोध शर्मा ने कहा कुछ आशाएं भटक गई हैं। प्राइवेट अस्पतालाें में मरीजाें को ले जा रही हैं। इसलिए स्वास्थ्य कार्यक्रमों में अभी भी बरेली पीछे हैं। आशा निराशा का कारण न बनें। सीएमओ डॉ. विजय यादव ने कहा कि कु छ आशाआें ने 102 और 108 से सांठगांठ कर लिया है। कई शिकायतें आ रहीं हैं। वे निजी अस्पतालाें की प्राइवेट मीटिंग में शामिल होती हैं। पहली बार शिकायत मिली इसलिए चेतावनी दी गई, अगली बार सीधे कार्रवाई होगी।
सम्मेलन में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल बहेड़ी विधायक अताउर्रहमान ने कहा कि आशा अपने कार्य में सुधार लाएं। इस मौके पर महिला अस्पताल से डॉ. अनीता धस्माना, सभी एसीएमओ और एक हजार से अधिक आशा मौजूद थीं।
ब्लाक स्तर पर होगा मूल्यांकन, दो केस लाने जरूरी
सम्मेलन में आशाआें को बताया गया कि अब ब्लाक स्तर पर आशा का मूल्यांकन होगा। एक आशा को अब हर मार नसबंदी और कॉपर टी का एक-एक केस लाना जरूरी है। टीकाकरण की छूट और जेएसवाई के तहत डिलीवरी न होेने पर आशा जिम्मेदार मानी जाएंगी।
15 आशाआें को किया सम्मानित
क्यारा की सुजाता, मीरगंज की कामना शर्मा, बिथरी चैनपुर कमला देवी, मुड़िया की उमा कुमारी, भमौरा की बीबी, भोजीपुरा की चंद्रवती, दलेलनगर की रीना, आशा देवी, अकबारी फरीदपुर की अरुणा कुमारी, फतेहगंज पूर्वी की अंजू शर्मा, बहेड़ी की गायत्री देवी, कुं वरटांडा की शिवकुमारी, नवाबगंज की विमला देवी, शेरगढ़ की सरोज कुमारी और रामनगर की अश्वनी देवी को अच्छे काम के लिए सम्मानित भी किया गया।