एसएसपी और इंस्पेक्टर पर दबाव बनाने में बैरियर वन चौकी इंचार्ज लाइन हाजिर
बरेली। प्रधानमंत्री के खिलाफ टिप्पणी करने के मामले में आरोपी को बरी करने के बदले इज्जतनगर थाने की महिला दरोगा उससे 30 हजार रुपये मांग रही थी। एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने कॉल रिकार्डिंग के साथ मामले की शिकायत मिलने पर महिला दरोगा सरिता चौधरी को निलंबित कर दिया।
भोजीपुरा निवासी नरेंद्र राणा की इज्जतनगर क्षेत्र में मोबाइल शॉप है। लॉकडाउन के दिनों में नरेंद्र के खिलाफ इज्जतनगर थाने में आईटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज हुई थी। आरोप था कि उसने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की थी। इस मामले में तीन दिन पहले नरेंद्र ने एडीजी को ट्वीट करके सफाई भी दी थी कि उसने सिर्फ इतना कहा था कि लोग लॉकडाउन में पीएम और सीएम के भरोसे न बैठें, खुद भी काम करें।
नरेंद्र के खिलाफ दर्ज मामले की विवेचना थाने की दरोगा सरिता चौधरी कर रही थीं। नरेंद्र से वह मुकदमे में एफआर लगाने के नाम पर तीस हजार रुपये मांग रही थीं। नरेंद्र ने उनकी बातचीत मोबाइल में रिकार्ड कर ली और एसएसपी के सामने पेश होकर उन्हें सुना दी। एसएसपी ने इसके आधार पर सीओ थ्री स्वाति यादव को जांच सौंप दी। प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर सोमवार रात एसएसपी ने दरोगा सरिता को निलंबित कर दिया। इसके अलावा एक मुकदमे को निपटाने में ठेकेदार गौरव कुमार पर एसएसपी और इंस्पेक्टर के नाम से दबाव बनाने वाले बैरियर वन चौकी इंचार्ज दिनेश कुमार सिंह को लाइन हाजिर किया गया है।