पैगंबरे इस्लाम की शान में गुस्ताखी करने पर फ्रांस के खिलाफ बरेलवी सुन्नी मरकज से आवाज उठी है। इसे लेकर न सिर्फ दरगाह आला हजरत से जुड़े उलमा ने कड़ा विरोध जताया है, बल्कि जमात रजा मुस्तफा संगठन की ओर से लोगों ने गुरुवार को सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया और फ्रांस का झंडा जलाकर अपने गुस्से का इजहार किया। साथ ही जुलूस निकालकर अय्यूब खां चौराहा पर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को दिया।
इससे पहले दरगाह आला हजरत पर काजी-ए-हिंदुस्तान मुफ्ती असजद रजा खां कादरी की सरपरस्ती में जमात के बैनर तले सैकड़ों लोग एकत्र हुए। वहां से जमात के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सलमान हसन खां और फरमान हसन खां के नेतृत्व में आशिकाने रसूल और आशिकाने आला हजरत जुलूस की शक्ल में निकले। रास्ते में कई जगह पुलिस ने जुलूस को रोकने की कोशिश की, मगर उन्हें रोका नहीं जा सका। बिहारीपुर, इस्लामियां मार्केट रोड, नावल्टी होते हुए यह जुलूस अय्यूब खां चौराहे पर पहुंचा तो वहां उन्हें बैरियर लगाकर रोक दिया गया।
इसी बीच प्रदर्शन करते हुए भीड़ ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और फ्रांस का झंडा पैरों से कुचलकर जला दिया। इसके बाद दूसरा झंडा निकालकर जलाने की कोशिश की, जिसे पुलिस ने छीन लिया। इस दौरान सिटी मजिस्ट्रेट मदन कुमार ने पहुंचकर ज्ञापन लिया। मौके पर कोतवाली इंस्पेक्टर गीतेश कपिल भी फोर्स के साथ मौजूद रहे। प्रदर्शन में सुब्हान हसन खां, मौलाना राहत, मौलाना शम्स रजा, मौलाना सैय्यद सैफ अली कादरी, हाफिज इकराम खां, समरान खान, डॉ, मेहंदी हसन आदि मौजूद रहे।