एक बार फिर भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने दिसंबर से बरेली से दिल्ली और लखनऊ के लिए हवाई सेवा शुरू करा देने का दावा किया है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं। बरेली एयरपोर्ट पर बाकी बचे काम को तेजी से पूरा किया जा रहा है। हाल ही में बनकर तैयार हुए नए टर्मिनल भवन में लगाने के लिए उपकरण भी बरेली पहुंचने शुरू हो गए हैं।
बरेली से उड़ान भरेंगे 72 सीटर एयरक्रॉफ्ट
बरेली एयरपोर्ट से दिल्ली और लखनऊ के लिए 72 सीटर विमान उड़ान भरेंगे। एलाइंस कंपनी बरेली से दिल्ली के बीच हवाई सेवा शुरू करने की सहमति दे चुकी है लेकिन बरेली और लखनऊ के बीच हवाई सेवा के लिए अनुबंधित कंपनी टर्बो की ओर से अब तक कुछ साफ नहीं किया गया है। टर्बो ने पिछले साल लखनऊ में आयोजित डिफेंस मेले में एचएएल से दो 19 सीटर एयरक्रॉफ्ट खरीदने का अनुबंध किया था। क्रू स्टाफ का प्रशिक्षण भी हो गया है लेकिन 72 सीटर विमान खरीदने की प्रक्रिया पूरी न होने से संशय बना हुआ है। सूत्रों के मुताबिक टर्बो अगर अनुबंध के तहत सेवा शुरू नहीं करती है तो तो किसी और कंपनी से ऑफर मांगा जाएगा।
2520 वर्ग मीटर में बना नया टर्मिनल भवन
एएआई ने करीब 70 करोड़ रुपये की लागत से 525 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में टर्मिनल और एप्रान समेत सभी दूसरे काम पिछले साल ही पूरे करा लिए थे। इसके बाद यहां से हवाई सेवा शुरू कराने की कोशिश भी हुई लेकिन अनुबंध करने वाली कंपनियों ने कदम पीछे खींच लिए। इस बीच एएआई ने करीब 40 करोड़ रुपये लागत से 2520 वर्ग मीटर में दूसरा भवन बनाकर तैयार कर दिया है। इसमें 150 यात्रियों के बैठने की सुविधा है। हवाई अड्डे पर छह चेकिंग काउंटर, एक्सरे सिस्टम, हाईमास्ट, फिनिशिंग आदि का करीब 20 प्रतिशत काम बचा है। नए टर्मिनल भवन का काम पूरा होने के बाद उसी का इस्तेमाल होगा। पुराने भवन को एयरलाइंस कंपनियों के कार्यालय और दूसरे कामों के लिए प्रयोग में लाया जाएगा। एयरपोर्ट परिसर में 90 कारें खड़ी करने लायक पार्किंग होगी।
पिछले साल से ही बरेली एयरपोर्ट तैयार है। टर्बो ने बरेली से लखनऊ के बीच हवाई सेवा के लिए लाइसेंस लिया है, हालांकि उसने अब तक औपचारिक तौर पर कोई सूचना नहीं दी है। 19 अगस्त को एलाइंस एयर लाइंस की टीम भी बरेली से दिल्ली के बीच उड़ान शुरू करने के लिए तकनीकी परीक्षण करने आई थी। उसने अपनी सहमति भी दे दी है। टर्मिनल के लिए एक और भवन भी तैयार किया जा रहा है। कुछ काम बचा है जिसे जल्द पूरा करा लेंगे। - राजीव कुलश्रेष्ठ, महाप्रबंधक बरेली एयरपोर्ट