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Bareilly News: 45 हजार का बिल जमा करने के एक माह बाद दोबारा आया 92 हजार का बिल, उपभोक्ता परेशान

Sat, 22 Nov 2025 03:03 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

बरेली में विद्युत निगम के उपभोक्ता ने 45 हजार रुपये बिल जमा किया। इसकी रसीद भी ली, लेकिन एक महीने बाद दोबारा 92 हजार का बिल आ गया। इससे उपभोक्ता के होश उड़ गए। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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बरेली में विद्युत निगम के उपभोक्ता सुरेंद्र पाल सिंह ने 45 हजार रुपये का बिल जमा किया। इसके एक माह बाद ही 92 हजार से अधिक का बिल दोबारा आ गया। इसके बाद से ही पीड़ित उपभोक्ता बिल सही कराने के लिए अधीक्षण, अधिशासी अभियंता और लिपिक दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। अब उपभोक्ता ने मामले की शिकायत ऊर्जा मंत्री और मुख्य अभियंता से की  है, जहां से उन्हें कार्रवाई का आश्वासन मिला है।           

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आशीष रॉयल पार्क के रहने वाले सुरेंद्र पाल सिंह ने नौ सितंबर को 45,500 रुपये का बिल जमा किया था। इसके बाद उपकेंद्र जाकर रसीद ले ली। इसके बाद 24 नवंबर को उनका 92,254 रुपये का बिल आ गया। इसके बाद सुरेंद्र पाल रामपुर बाग स्थित कार्यालय में अधिशासी अभियंता सत्येंद्र चौहान के पास पहुंचे और मामले की जानकारी दी। इसके बाद अधिशासी अभियंता ने उन्हें लिपिक के पास भेज दिया। 

पीड़ित ने आरोप लगाया कि लिपिक ने मामला गोपनीय होने की बात कहकर टाल दिया। इसके बाद पीड़ित अधीक्षण अभियंता ब्रह्मपाल के पास पहुंचे तो उन्हें दोबारा अधिशासी अभियंता के पास भेज दिया गया। इसके बाद पीड़ित ने मुख्य अभियंता ज्ञान प्रकाश से मुलाकात की, जिन्होंने प्रार्थनापत्र लिखवाया और उपभोक्ता को समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया। वहीं पीड़ित उपभोक्ता ने मामले की शिकायत ऊर्जा मंत्री से भी की है।
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लिपिकों-अधिशासी अभियंता की सांठगांठ पहले भी आ चुकी है सामने
विद्युत निगम में बिल ठीक कराने के मामले में अधिशासी अभियंता और लिपिक की सांठगांठ रिश्वतखोरी में बढ़ती जा रही है। एक अगस्त को ऐसे ही मामले में लिपिक को एंटी करप्शन की टीम गिरफ्तार कर चुकी है। इसमें मीरगंज के गूला गांव निवासी आभाष सिंह ने बिल ठीक कराने के लिए अधिशासी अभियंता प्रथम मनोज कुमार के यहां शिकायत की थी, जहां से उन्हें लिपिक के पास भेजा गया। लिपिक ने मामले को पहले टाला और फिर रिश्वत मांग ली। मामला एंटी करप्शन की टीम ने 20 हजार की रिश्वत लेते हुए अजीत कुमार को गिरफ्तार किया गया था। उसके बैग से 1.76 लाख की नकदी भी बरामद हुई थी। 
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मुख्य अभियंता ज्ञान प्रकाश ने कहा कि उपभोक्ता की समस्या का प्राथमिकता से समाधान होगा। बिल समायोजन नहीं हुआ तो इसे दिखवाएंगे।

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