बरेली। बरेली क्लब मैदान पर शुक्रवार को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत सरकारी मंडप सजा। 35 हजार रुपये की आर्थिक मदद और उपहारों के लिए वर-वधू ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाकर दिखावे की शादी की। इसके बाद दुल्हन ससुराल के बजाय मायके लौट गई। परिजनों ने बताया कि बाद में घर पर रिश्तेदारों की मौजूदगी में विधिवत विवाह के बाद बिटिया को ससुराल भेजेंगे।
मंडप में जब गायत्री परिवार के सदस्यों ने वर-वधू से फेरे लेने का आह्वान करते हुए मंत्रोच्चार शुरू किया तो कई जोड़ों ने फेरे नहीं लिए। एक वधू ने तो मांग में सिंदूर भी नहीं भरवाया। उसके पिता ने बताया कि हम आर्थिक तौर पर कमजोर हैं। इसीलिए यहां तक आए हैं। यहां उपहार मिल गए और मदद की राशि खाते में आएगी। बाद में रिश्तेदारों की मौजूदगी में विधिवत शादी करेंगे।
फेरे लेने आई एक अन्य युवती के पिता ने कहा कि यहां आर्थिक मदद के लिए सिर्फ औपचारिकता निभाई गई है। अप्रैल 2025 में घर पर रिश्तेदारों की मौजूदगी में विधिवत विवाह करेंगे। तभी बेटी को विदा भी करेंगे।
मंडप में आए एक दूल्हे की मां ने कहा कि अभी तो लड़का-लड़की अपने-अपने घर जा रहे हैं। बाद में बरात जाएगी और दोनों पक्षों के रिश्तेदारों की मौजूदगी में विधिवत शादी होगी। इसके बाद ही दुल्हन ससुराल आएगी।
वर्जन
कुछ जोड़े सभी रस्में पूरी कर रहे थे, पर कुछ ने कहा कि हम यहां न तो फेरे लेंगे न वरमाला डालेंगे। घर पर विधिवत शादी करेंगे। - मीरा शर्मा, गायत्री परिवार की सदस्य
हमने पूरे विधान के साथ वैवाहिक रस्में पूरी कराईं। अब कोई फेरे नहीं ले रहा है तो हम क्या कर सकते हैं? - आशुतोष तिवारी, ट्रस्टी, गायत्री चेतना केंद्र मुंशीनगर
अगर किसी ने फेरे नहीं लिए तो यह उसका व्यक्तिगत मसला है, इसमें हम कुछ नहीं कह सकते। हमने तो पूरा इंतजाम किया था। - जगप्रवेश, मुख्य विकास अधिकारी