कागज की बर्बादी का पर्याय बन रहे सरकारी विभागों में अगर कागज प्रिंट करने पर जुर्माना लग जाए तो सुनकर थोड़ी हैरानी जरूर होगी। पर यह सच है। डीएम ने जिला समन्वयक निर्माण (सर्व शिक्षा अभियान) पर कागज की बर्बादी को रोकने के आदेश का उल्लघंन करने पर जुर्माना लगाया है और वो भी ग्यारह रुपये का। जेई ने पेज के दोनों साइड में सूचना प्रिंट करने की बजाए एक ही साइड में सूचना प्रिंट कर दी और रिपोर्ट सीडीओ और डीएम को भेज दी। डीएम ने आदेश का उल्लघंन देखा तो कार्रवाई में ज्यादा वक्त नहीं लगाया और इसके आदेश बीएसए कार्यालय को जारी कर दिया। बीएसए से स्पष्टीकरण भी तलब किया गया है।
दरअसल डीएम पंकज यादव ने सभी सरकारी विभागों को आदेश जारी किया था कि कागज की बचत के लिए सूचनाओं का प्रकाशन पेज के दोनों साइड में किया जाए। सभी सरकारी विभागों में इसका कड़ाई से पालन के निर्देश दिए थे। बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में विद्युतीकरण की रिपोर्ट जिला प्रशासन ने मांगी थी। करीब बारह पेज पर सूचनाएं प्रिंट की गईं। गलती यहां हुई कि सूचना दोनों साइड की जगह एक साइड में ही प्रिंट कर विकास भवन और डीएम कार्यालय भेज दी गई। हालांकि जेई अरविंद्र पाल का कहना है कि उनको आदेश नहीं मिल सका इसलिए प्रिंट निकालते वक्त इसका ख्याल नहीं आया और सूचनाएं भी पहले से ही बनी हुई थी। इसलिए एक साइड में प्रिंट चला गया। डीएम ने गंभीरता से इसको लिया और अन्य विभागों को सबक देने के लिए जुर्माना लगाया।
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विद्युतीकरण की सूची मांगी गई थी। पुरानी सूची रखी थी उसको वैसे ही भेज दिया गया। संबंधित कर्मचारी को डीएम के नए आदेश की जानकारी बाद में हुई। डीएम साहब ने जवाब मांगा है। उसमें धन रिकवरी की भी बात कही है। स्पष्टीकरण दिया जाएगा।
-ऐश्वर्या लक्ष्मी यादव, बीएसए
‘ये जुर्माना नहीं बल्कि किफायत बरतने के लिए संदेश है। ताकि भविष्य में कागजों का दुरुपयोग न हो।’ पंकज यादव, डीएम