बरेली। नाथ नगरी के रूप में विख्यात शहर को आने वाले एक दशक में बिल्कुल नए रंग-रूप में ढालने की कवायद शुरू हो गई है। बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) शहर के लिए 10 वर्षीय सिटी डेवलपमेंट प्लान तैयार कर रहा है। इस महायोजना के जरिए बरेली को न केवल एक आधुनिक शहर के रूप में विकसित किया जाएगा, बल्कि इसकी प्राचीन धार्मिक, सांस्कृतिक और आर्थिक पहचान को भी नया विस्तार दिया जाएगा।
बीडीए इस विकास योजना को वैश्विक स्तर का बनाने के लिए अयोध्या और वाराणसी के सफल मॉडल का अध्ययन कर रहा है। शहर के मशहूर जरी-जरदोजी और बांस उद्योग जैसे पारंपरिक व्यवसायों के साथ-साथ सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को आधुनिक तकनीक और बेहतर बाजार से जोड़कर मजबूत किया जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकें।
अगले 10 वर्षों की जरूरतों के अनुसार यातायात प्रबंधन, सुव्यवस्थित आवासीय कॉलोनियों, नई सड़कों, पार्कों पर हरित क्षेत्रों (ग्रीन बेल्ट) का मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। बीडीए उपाध्यक्ष सौम्या पांडेय के मुताबिक, शहर के मूल चरित्र को ध्यान में रखते हुए ही इन परियोजनाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
पर्यटन सर्किट से जुड़ेंगे सातों ऐतिहासिक नाथ मंदिर
सिटी डेवलपमेंट प्लान के तहत बरेली के ऐतिहासिक सातों नाथ मंदिरों को धार्मिक पर्यटन सर्किट के रूप में आपस में जोड़ा जाएगा। इन सभी प्रमुख मंदिरों तक पहुंचने के लिए चौड़ी सड़कें, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, सुगम पार्किंग और श्रद्धालुओं के ठहरने की विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित की जाएंगी।