बरेली/भमोरा। रविवार को पुलिस ने कछला से जल लेकर लौट रहे कांवड़ियों केडीजे और लाउडस्पीकर के तार निकाल दिए। इससे भड़के कांवड़ियों ने देवचरा बकरी बाजार के सामने जाम लगा दिया। वहां से पुलिस ने बल का प्रयोग करने उन्हें हटाया तो आगे रम्पुरा के पास सड़क पर बैठ गए। वहीं भंडारा कर रहे लोगों के समझाने पर कांवड़िए शांत होकर करीब आधा घंटा बाद आगे निकल आए।
रविवार को दिन भर बम बम भोले के जयकारे के साथ कछला से जल लेकर कांवड़ियों के जत्थों के आने का सिलसिला जारी रहा। बदायूं रोड स्थित थाना सुभाषनगर की रामगंगा पुल पुलिस चौकी पर तलाशी लेकर कावड़ियों के जत्थों को आगे बढ़ाया गया। तलाशी के दौरान कावड़ियों से पुलिस कर्मियों की कई बार नोंकझोंक भी हुई। इस बीच डेढ़ सौ से ज्यादा कावड़ियों के जत्थे रामगंगापुल से गुजर कर अपने नियत स्थान पर पहुंच गए हैं। इन जत्थों में पीलीभीत और गोला गोर्कण नाथ के कावड़ियों के जत्थे भी शामिल थे। सुरक्षा के लिहाज से डीएम संजय कुमार, एसएसपी जे रविंदर गौड़ के अलावा एसपी सिटी राजीव मल्होत्रा, एडीएम सिटी आरपी सिंह, सीओ एलआईयू नागेंद्र चतुर्वेदी के अलावा इंस्पेक्टर सुभाषनगर देवेश सिंह भारी पुलिस बल के साथ रामगंगा पुल पर रहे।
बाइक की टक्कर से कांवड़िया जख्मी
कछला से जल भर कर लाते समय कांवड़ियेे तिलक राम पुत्र रामलाल निवासी तिगरा को बाइक सवार ने टक्कर मार दी। बदायूं रोड पर थाना भमौरा इलाके में हादसा हुआ। भमोरा स्वास्थ्य केंद्र से दवा दिला कर तिलकराम को जत्थे के साथ भेज दिया गया।
पूर्व इफ्को कर्मियों ने किया भंडारा
भमोरा थाना प्रांगण में बने शिव मंदिर पर पूर्व इफ्को एम्पलाइजर यूनियन ने अपनी टीम के साथ कांवड़ियों के लिए भंडारा किया। इस मौके पर सर्वेश यादव पूर्व अध्यक्ष इफ्को एम्पलाइज यूनियन के अलावा संजय सिंह,, विजय प्रताप, महेश पाण्डे, संतोष सिंह ,आनंद मणी, अखिलेश राय ,अमित पाण्डे, गुरनाम सिंह, समशेर सिंह आदि मौजूद थे।
कांवड़ को लेकर विवाद होने का मामला
सावन के बाद फिर से होगा होमवर्क
बरेली। कांवड़ को लेकर जिन गांवों में विवाद हुए हैं वहां सावन के बाद फिर से पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने होमवर्क करने की प्लानिंग अभी से शुरू कर दी है।
एसएसपी जे. रविंदर गौड़ ने बताया कि जिन गांव में कांवड़ को लेकर विवाद हुए हैं वहां का पिछला कोई न कोई विवाद रहा है। इसलिए यह दिखवाया जा रहा है कि पिछला विवाद क्या था। इसके अलावा कौन-कौन लोग उन विवादों के पीछे रहे हैं। विवाद में रहे लोगों की गांव में आम शोहरत क्या है। उनका विवाद कराने के पीछे मकसद क्या रहा है या रहता है। ऐसे लोगों की छानबीन कराने के बाद उन गांवों के विवाद निपटा दिए जाएंगे।