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सावन के पहले सोमवार के मद्देनजर रेड स्कीम लागू

Mon, 14 Jul 2014 05:34 AM IST
Bareilly
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बरेली। सावन के पहले सोमवार को नाथ नगरी बरेली के सात शिवालयों में जलाभिषेक के लिए उमड़ने वाले भक्तों और कांवड़ियों के सैलाब को देखते हुए जिला प्रशासन रेड स्कीम लागू कर दी है। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारी अपने ड्यूटी पर तैनात कर दिए गए हैं। वहीं घरों की छत से निगरानी के लिए पुलिस फोर्स की तैनाती की गई है। खुराफाती तत्वों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे के साथ आकाशीय निगहबानी के लिए हेलीकाप्टर से सर्वे कराने की भी तैयारी है। पुलिस-प्रशासन ने 20 संवेदनशील स्थानों को चिन्हित करते हुए 28 महिला कांस्टेबलों के साथ पुलिस बल की तैनाती की वहीं 54 मंदिरों पर विशेष चौकसी बरतने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही जिला प्रशासन ने रमजान और सावन माह को देखते हुए आने वाले दिनों के लिए शासन से अतिरिक्त पीएसी बल की मांग की है।
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सावन माह की शुरुआत के साथ ही पहले दिन शहर में शाम चार बजे से रात दस बजे तक यलो स्कीम लागू रही। तैनात किए गए सभी मजिस्ट्रेट और पुलिस अफसरों ने अपने अपने रूट का जायजा लिया। संवेदनशील और विवादित प्रकरण वाले स्थानों की रिपोर्ट ली। जिलाधिकारी संजय कुमार ने भी प्राइवेट गाड़ी से गोपनीय तरीके से कांवड़ रूट और मंदिरों का निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्था परखी। उन्होंने कुतुबखाना, शाहदाना, सिविल लाइंस, कैंट, पीलीभीत बाईपास रोड, रामगंगा चौकी पर हालात का जायजा लिया। कुछ स्थानों पर पर्याप्त रोशनी की कमी और कांवड़ियों के सूचनार्थ लगे छोटे फ्लैक्स बोर्ड की समस्या का संज्ञान में लेते हुए इसे दुरुस्त कराने के लिए कहा। डीएम का कहना है कि सब कुछ सामान्य है लेकिन ऐहतियातन चौकसी बरती जा रही है। एडीएम सिटी आरपी सिंह और एसपी राजीव मल्होत्रा भी कांवड़ रूट देखने निकले।

65 खुराफाती तत्वों पर विशेष नजर
बरेली (ब्यूरो)। शांति व्यवस्था बिगड़ने या दंगे की आशंका पर लागू किए जाने वाली रेड स्कीम के जारी होते ही पुलिस और खुफिया तंत्र ने खुराफाती तत्वों की विशेष निगरानी शुरू कर दी। रविवार तीसरे पहर से ही कांवड़ रूट और आसपास में रहने वाले खुराफाती और असामाजिक तत्वों की अपडेट सूची खंगाली गई और शहर के 65 लोगों की विशेष मानीटरिंग शुरू कर दी गई है। इनमें 25 नए चेहरे हैं जो अपने दागदार रिकार्ड के चलते पहली बार इस सूची में डाले गए हैं। शाहदाना में गत दिनों तीन अलग-अलग घटनाओं में शामिल रहे पांच व्यक्ति भी इस सूची में हैं। इनकी गतिविधियों, मोबाइल पर बातचीत आदि पर निगरानी के लिए सादे वेश में पुलिस एवं मुखबिरों को लगाया गया है।
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एडीएम प्रशासन और एसपीआरए देहात के संवेदनशील इलाकों में पहुंचे
बरेली (ब्यूरो)। एडीएम प्रशासन अरुण कुमार और एसपी देहात राम स्वरूप सिंह रविवार को ग्रामीण इलाकों में शांति व्यवस्था देखने निकले। उन्होंने संवेदनशील और विवाद वाले इलाकों में सभी पक्षों को एक बैठाकर शांति बनाए रखने का आह्वान किया। दो टूक संदेश भी दिया कि सौहार्द बिगड़ते ही कानून अपना काम करेगा और किसी को नहीं बख्शेगा। पुलिस-प्रशासन के सहयोग के लिए उतारी गई सद्भावना वालंटियर की टीम में सभी समुदायों के पढ़े-लिखे युवाओं को विशेष जिम्मेदारी भी दी। दोनों अधिकारी शाही थाना क्षेत्र के दुनका पहुंचे। वहां सभी लोगों ने विवाद को दरकिनार कर अमन का माहौल बनाए रखने का वचन दिया। वे शीशगढ. बहेड़ी और देवरनियां भी पहुंचे।

नाथ नगरी में सजे शिवालय, जलाभिषेक आज

बरेली। सावन के पहले सोमवार को लेकर भोले के भक्त अति उत्साहित हैं। प्राचीन नाथ मंदिरों से लेकर प्रमुख शिवालयों तक जलाभिषेक की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कछला गंगाघाट से गंगाजल लेकर आने वाले कांवड़ियों ने मंदिरों के परिसर में पड़ाव डाल दिया है। यहां उनके ठहरने और जलपान की भी व्यवस्था की गई है।
नाथ संप्रदाय की मंदिर शृंखला के लिए विख्यात बरेली नगरी में सावन मास पूरे भक्ति भाव के साथ गुजरता है। भगवान शिव की आराधना को समर्पित इस माह का आज पहला सोमवार है। वर्षों से चल रही परंपरा के मुताबिक भारी संख्या में शिवभक्त कांवरिये यहां से कछला गंगाघाट (बदायूं) जाकर वहां से गंगाजल लाते हैं और फिर स्थानीय शिव मंदिरों में जलाभिषेक करते हैं। कुछ शिवभक्त गढ़ मुक्तेश्वर भी जाते हैं। इस बार भी कांवड़िये भी पूरी रौ में है। डीजे पर प्रशासन की पाबंदी है पर हल्के लाउडस्पीकर पर शिव भजन नाचते-गाते कांवरिये शहर से गुजर रहे हैं। वाहनों के जत्थों से वह कछला की ओर रवाना हो रहे हैं। पैदल कांवर ले जाने वाले कांवड़िये तो जल लेकर वापस मंदिरों में लौटने भी लगे हैं। शहर के सातों नाथ मंदिरों के अलावा अन्य मंदिरों में भी इनके ठहरने और जलपान की व्यवस्था की गई है। रात्रि विश्राम यहीं करके कांवरिये सोमवार की भोर में स्नान करके भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे। अन्य साधक भी शिव परिवार का जलाभिषेक करने के लिए मदिरों में ब्रह्म मुहूर्त से पहुंचने लगेंगे। शिवालयों में इसके लिए आवश्यक बैरीकेटिंग की गई है। सुरक्षा के मद्देनजर जहां पुलिस-प्रशासन ने खास तैयारी की है वहीं मंदिरों में प्रबंधतंत्र ने सेवादारों को भी जिम्मेदारी बांटी हैं।

महीने भर कांवड़ियों की सेवा करेंगे समाजसेवी
कई संगठनों ने बनाई सावन के कार्यक्रमों की रूपरेखा
बरेली। सावन मास के मद्देनजर धार्मिक, राजनैतिक और स्वंयसेवी संगठनों ने भी अपनी कार्ययोजना बनाकर इसका क्रियान्वयन शुरू कर दिया है। श्री नाथ नगरी सेवा समिति ने रामगंगा पुलिस चौकी के पास अपना कैंप लगा दिया है। रविवार को प्रदोष पूजन के साथ इसका शुभारंभ भी कर दिया गया। प्रदेश अध्यक्ष श्रवण गुप्ता, मीडिया प्रभारी शिवम रस्तोगी और वरिष्ठ सदस्य अमित अरोड़ा समेत कई लोग इस दौरान मौजूद रहे। शिवम ने बताया कि पूरे महीने चौबीस घंटे कैंप में कांवड़ियों को ठहरने, भोजन, पेयजल और प्राथमिक उपचार की निशुल्क व्यवस्था की जाएगी। नाथ नगरी बरेली जलाभिषेक समिति ने सेठ गिरधारी लाल मंदिर श्यामगंज में बैठक की। इसमें 14 जुलाई को सुबह 8.15 बजे तपेश्वर नाथ मंदिर पर विशाल रुद्राभिषेक कार्यक्रम करने का निर्णय लिया गया। मीडिया प्रभारी मनोज देवल ने सभी शिवभक्तों से सुबह सात बजे अपने वाहनों से गिरधारी लाल मंदिर पर एकत्र होने का आह्वान किया। बताया कि यहीं से जलाभिषेक यात्रा तपेश्वर नाथ मंदिर को रवाना होगी। भोजीपुरा के पिपरिया गांव से पचास कांवड़ियों का जत्था जल लेने रवाना हुआ। भोजीपुरा विधानसभा प्रभारी धीरज साहू के नेतृत्व में शिव सैनिकों ने उनका स्वागत किया। हिंदूवादी संगठन राष्ट्रीय सेवा संघ के जिला उपाध्यक्ष अशोक कश्यप के साथ कई कांवड़िये डाक कांवड़ लेकर सुभाष नगर से कछला को रवाना हुए। शहर के मिर्चिया टोला स्थित राधा-कृष्ण मंदिर में शिव प्रदोष पूजन रविवार शाम किया गया।
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