बरेली। फाइनेंस कंपनियों को चूना लगाने का एक मामला पकड़ा गया है। यह मामला तब खुला जब फाइनेंस कराए गए एक ट्रक के लुटने की रिपोर्ट लिखाने के बाद उसे नगालैंड के फर्जी नंबर पर चलाने की बात सामने आई। फाइनेंस कंपनी मालिक के मुकदमा दर्ज कराए जाने के बाद किला पुलिस ने एक ठग को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। यह ठग रामपुर के कैमरी थाने में दर्ज मुकदमे में कई महीने से फरार चल रहा था।
तीन साल पहले किला इलाके के हुसैन बाग के आसिफ ने टाटा मोटर्स से एक ट्रक पर फाइनेंस कराया था। बाद में यह ट्रक उसने शेरगढ़ के बाजार मोहल्ले के हफीज खां को दे दिया। उन्होंने न फाइनेंस कंपनी की किस्ते जमा की और न ट्रक लौटाया गया। 25 अप्रैल 2014 को टाटा मोटर्स के मालिक सुधीर शर्मा ने थाना किला में आसिफ, हफीज खां, मेहताब और सरफराज के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया। शनिवार को पुलिस ने हफीज खां को गिरफ्तार कर लिया, जिसे रविवार को जेल भेज दिया गया।
इंस्पेक्टर किला विद्याराम दिवाकर ने बताया कि फाइनेंस ट्रक को लूट लिए जाने की 26 जून 2013 को रामपुर के थाना बिलासपुर में रिपोर्ट लिखाई गई थी। बिलासपुर पुलिस ने आठ अगस्त 2013 को मुकदमा एक्सपंज कर दिया। तफ्तीश में पुलिस को पता चला है कि ट्रक पर नगालैंड का फर्जी नंबर लिखकर उसे चलाया जा रहा है। किला पुलिस इस ट्रक को बरामद करने की कोशिश कर रही है।
इंस्पेक्टर ने बताया कि मार्च 2013 में रामपुर की कैमरी थाना पुलिस ने हफीज खां के बेटे विक्की समेत तीन लोगों को पकड़ा था। उनकी निशानदेही पर नगालैंड के फर्जी नंबरों के तीन ट्रक बरामद हुए थे। तबसे विक्की जेल में है। उस मुकदमे में हफीज भी नामजद है। वह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। उस मुकदमे में कैमरी थाना पुलिस हफीज के घर की कुर्की कर चुकी है।