बरेली। आयशर कैंटर चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराना उसके मालिक को ही भारी पड़ गया। बिथरी चैनपुर पुलिस ने यह कहते हुए उसके मालिक को ही हिरासत में ले लिया कि गाड़ी के कागज और चाबी जब उसके पास थे तो गाड़ी कोई और कैसे चुराकर ले जा सकता है। मामला अफसरों के पास पहुंचने के बाद गाड़ी मालिक की थाने से रिहाई हो सकी।
बिथरी चैनपुर के गांव धारूपुर ठाकुरान में रहने वाले सरिया सीमेंट विक्रेता असलम ने तीन महीने पहले अपनी आयशर कैंटर आंवला में रहने वाले कासिम के हाथ 4.55 लाख रुपये में बेची थी। कासिम के एक लाख रुपये का एडवांस भुगतान करने के बाद असलम ने उन्हें गाड़ी की चाबी और कागज दे दिए। बाकी रकम कासिम को फाइनेंस कराकर देनी थी। गाड़ी असलम की दुकान के आगे खड़ी छोड़कर कासिम फाइनेंस कराने की कोशिश में लगे थे कि आठ मई की रात को गाड़ी चोरी हो गई। कासिम की ओर से थाना बिथरी चैनपुर में इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
पुलिस ने एक महीने बाद भी गाड़ी की बरामदगी नहीं की तो शनिवार को कासिम थाना बिथरी चैनपुर में शिकायत करने पहुंचे। आरोप है कि कोतवाल अजीत सिंह के निर्देश पर पुलिस ने उन्हें ही थाने में बैठा लिया। कोतवाल ने गाड़ी चोरी की घटना संदिग्ध बताते हुए कासिम से कहा कि जब चाबी और कागज तुम्हारे पास हैं तो गाड़ी चोरी कौन कर ले गया। कासिम को दिन भर बाद भी पुलिस के न छोड़ने पर थाने पहुंचे असलम को भी पुलिस ने खूब हड़काया। असलम ने किसी तरह उच्चाधिकारियों तक मामला पहुंचाया तो पुलिस ने दोनों को छोड़ा। कोतवाल ने कहा कि गाड़ी चोरी का मामला संदिग्ध है।