बरेली। आधे से ज्यादा शहर बृहस्पतिवार को घनघोर संकट में घिर गया। एक तरफ पारा 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया तो दूसरी तरफ बिजली विभाग के इंतजाम जवाब दे गए। पुराने शहर में एक साथ पांच ट्रांसफार्मर फुंक जाने दर्जनों इलाकों की बिजली गुल हो गई और रही-सही कसर बड़ा बाईपास पर काम कर रही जेसीबी ने दोहना से आ रही लाइन के पांच खंभे गिराकर पूरी कर दी। इससे कुहाड़ापीर और डीडीपुरम सबस्टेशन ठप हो जाने से दर्जनों और इलाकों में बिजली गुल हो गई। दिन भर गर्मी से जूझते रहे लोगों का शाम होते-होते सब्र जवाब दे गया। सैकड़ों की भीड़ ने पहले मॉडल टाउन सबस्टेशन पर हंगामा करते हुए बिजली कर्मचारियों को बंधक बना लिया। इसके बाद सैलानी चौराहा, शाहदाना और शाहजहांपुर हाईवे पर मालियों की पुलिया पर घंटों जाम लगाए रखा।
बड़ा बाईपास पर काम कर रही जेसीबी ने मयूर वन चेतना केंद्र के पास बृहस्पतिवार सुबह पांच खंभे उखाड़ दिए। इससे दो सबस्टेशनों के ठप होने से डीडीपुरम, संजयनगर, मॉडल टाउन, कीर्तिनगर, कोहाड़ापीर और प्रेमनगर में बिजली गुल हो गई मगर बिजली विभाग के अफसरों ने दिन भर इस लाइन को दुरुस्त कराने की सुध नहीं ली। दिन भर बिजली नहीं आई तो शाम को सवा आठ बजे सैकड़ों लोग मॉडल टाउन उपकें द्र पर हंगामा करने पहुंच गए। इनमें तमाम महिलाएं भी थीं। महिलाआें ने आरोप लगाया कि बिजली न आने की वजह पूछने पर कर्मचारी अभद्रता करने लगे। जेई भगवानदास को फोन किया गया तो उन्हाेंने भी फोन पर बदसलूकी की। लोगों ने करीब दो घंटे तक यहां सबस्टेशन पर हंगामा किया।
पुराने शहर इलाके में भी एक-एक चार सौ एमवी के तीन और 630 एमवी के दो ट्रांसफार्मर फुंक जाने से पूरे दिन बिजली तो गुल रही ही, पानी भी नहीं आया। लोगों का कहना है कि ट्रांसफार्मर ओवरलोड की वजह से कई दिनों से ट्रिप हो रहे थे लेकिन शिकायत करने के बाद भी बिजली वालों ने कोई ध्यान नहीं दिया। बृहस्पतिवार को दिन भर परेशान होने के बाद सैकड़ों लोगों ने शाम को सैलानी चौराहे पर जाम लगा दिया। गुस्साए लोगों ने यहां प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री के खिलाफ भी नारे लगाए। पुलिस ने यहां से जाम हटवाया तो लोग मालियों की पुलिया पर इकट्ठे हो गए और हाईवे पर जाम लगा दिया। करीब घंटे भर जाम के दौरान सैकड़ों गाड़ियां फंस गई। शाहदाना रोड पर भी लोगों ने जाम लगाया। उधर कुरैशनगर और कटीकुईयां में तीन दिन से बिजली नहीं आ रही है। वारसी, अय्यूब कुरैशी, साबिर हुसैन ने बताया कि शाहदाना उपकेंद्र जाकर लोग शिकायत की जा रही है लेकिन बिजली ठीक नहीं हो रही है।
गुस्से में गाड़ियों में तोड़फोड़
मालियों की पुलिया पर जाम के दौरान गुस्साए लोगों ने तोड़फोड़ भी की। पहले तो सड़क पार करने की कोशिश कर रहे एक ऑटो के शीशे तोड़ दिए, फिर भाजपा नेता प्रशांत पटेल की गाड़ी में भी पथराव कर तोड़फोड़ कर दी। एक शादी से अपने कुछ साथियों के साथ लौट रहे प्रशांत पटेल ने इसके बाद शहामतगंज पुलिस चौकी जाकर तहरीर दी।
हंगामा हुआ तो भाग निकला जेई
पैराडाइज बारात घर के पास सुबह तार टूटने से बिजली गुल हो गई। लोगों ने शाहदाना सबस्टेशन के जेई जगदीश को फोन किया तो कोई जवाब नहीं मिला। शाम तक लोग बिजली आने का इंतजार करते रहे। इसके बाद वे इकट्ठे होकर सबस्टेशन पर पहुंच गए। हंगामा हुआ तो जेई वहां से भाग निकला और जगतपुर सबस्टेशन में जाकर छिप गया। लोगों ने आरोप लगाया कि इलाके में आए दिन तार टूटते रहते हैं। जेई उनकी समस्या समझने के बजाय उनके साथ बदसलूकी करता है।
नीलकंठ कॉलोनी में पांच दिन से पानी नहीं
नीलकंठ कालोनी में पांच दिनाें से बिजली न आने से पानी नहीं आ रहा है। यहां के अंकित सिंह ने बताया कि जब सुबह पानी आने का समय होता है तो बिजली नहीं आती है। पिछले पांच दिनाें से यही नाटक चल रहा है, पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है।
कई चीजों पर लग रहा जनरेटर शुल्क
बरेली। बिजली कटौती के कारण जनरेटर चलाने वाले दुकानदाराें ने डीजल का खर्च निकालने के लिए या तो दाम में बढ़ोत्तरी कर दी है या उत्पाद का वजन घटा दिया है। कुतुबखाना में आजाद बेकरी एंड कनफेक्शनरी ने ब्रेड पाव का साइज घटा दिया है। इसमें 50 से 100 ग्राम की कटौती है। बेकरी के मालिक मोहम्मद हसीम कहते हैं कि जनरेटर से खर्चा आ रहा है दाम बढ़ा नहीं सकते इसलिए साइज छोटा कर दिया है। इसी गली में पंजाब बेकरी के एचएम अयूब कहते हैं कि उनके यहां पाव में दो रुपए की बढ़ोत्तरी की गई है। मठ की चौकी क्षेत्र में गिरधारी बताते हैं कि जब जेनरेटर से चक्की चलती है तो एक से दो रुपए अतिरिक्त लेकर गेहूं पीसा जाता है। कचहरी में सिद्धि विनायक इंजीनियरिंग कालेज में बीटेक का छात्र विजय यहां फोटोकॉपी कराने आया था। उसने बताया कि पांच पेज का एक सेट कराने में दस रुपए लिए गए। जबकि होता पांच रुपए हैं।
हेल्पलाइन पर सबसे ज्यादा पानी न आने की शिकायतें
बरेली। बेतहाशा बिजली कटौती से भीषण गर्मी में पानी का संकट गहराता जा रहा है। नलकूप तीन-चार घंटे ही चल पा रहे हैं और इस कारण पूरे नहीं भर पा रहे हैं। सप्लाई में प्रेशर नहीं बनने से बिहारीपुर, छोटी बमनपुरी, बड़ी बमनपुरी, सुभाषनगर, प्रेमनगर समेत पुराना शहर के कई इलाकों में पानी सप्लाई नहीं मिल रही है। हेल्पलाइन नंबरों पर भी सबसे ज्यादा फोन पानी की सप्लाई न मिलने या हैंडपंप खराब होने के आ रहे हैं। भाजपा नेता अमित अरोड़ा ने बिहारीपुर और बमनपुरी में दो दिन से पानी की सप्लाई न मिलने की बात कही। नगर निगम की हेल्पलाइन पर दूसरे दिन भी कर्मचारियों ने फोन उठाने में कोताही बरती। हेल्पलाइन के पांचों नंबरों पर बृहस्पतिवार की शाम तक मात्र 15 शिकायतें दर्ज हुईं। इनमें ज्यादातर पेयजल सप्लाई न पहुंचने और हैंडपंप खराबी की थीं। जलकल अभियंता आरबी राजपूत ने बताया कि हेल्पलाइन से मिली शिकायतों पर दो दिन में 11 हैंडपंप ठीक करा दिए गए।
नीम की चढ़ाई वाले बूंद-बूंद पानी को तरसे
बरेली। बड़ा बाजार के बीच बसा मोहल्ला नीम की चढ़ाई में पिछले लगभग डेढ़ महीने से पेयजल संकट बना हुआ है। यह इलाका बड़े बाजार से गंदे नाले के बीच बसा हुआ है। करीब 60 से 70 मकानों के इस पुराने मोहल्ले में चार सौ से ज्यादा की आबादी है। यहां के बाशिंदे विवेक अग्रवाल के अनुसार डेढ़ महीने से तो पानी की सप्लाई आ ही नहीं रही है। जबकि विनीता के अनुसार मोहल्ले के एक हिस्से में 12 दिन से पानी की बूंद नहीं टपकी है। पार्षद, मेयर, नगर निगम के अफसर कोई भी उन लोगों की नहीं सुन रहा है। यहीं के शैलेंद्र गुप्ता कहते हैं कि पानी सप्लाई से परेशान हो कर पुरानी लाइन खुदवा दी, नई पाइप लाइन डलवाई, मगर पानी नहीं आया। राजीव शर्मा के अनुसार आस पास के तमाम इलाकों में पानी आता है। बस नीम की चढ़ाई में पानी नहीं आता। यहां के लोगों का जीना मुश्किल हो गया है।