बरेली। पीलीभीत के नई बस्ती मोहल्ले के युवक की हत्या कर शव नकटिया नदी में फेंक दिया गया। वह 15 मई से लापता था। परिवार वालों की ओर से सुनगढ़ी थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई है।
इज्जतनगर इलाके के आसपुर खूबचंद गांव के सामने नकटिया नदी में ग्रामीणों ने रविवार सुबह साढ़े सात बजे युवक की लाश देखी। सूचना मिलने पर पहुंचे इज्जतनगर इंस्पेक्टर मुहम्मद कासिम और बैरियर टू चौकी प्रभारी भारत सिंह ने शव बाहर निकलवाया। जेब में मिली डायरी में लिखे नंबर पर पुलिस ने फोन किया तो पता चला कि शव पीलीभीत के नहूंलाल के बेटे 26 वर्षीय महेश कुमार का है। खबर मिलने के बाद मां धनदेई, भाई अर्जुन समेत परिवारीजन और रिश्तेदार भी पहुंच गए। पेट में जहर की आशंका होने पर विसरा सुरक्षित कर लिया गया है। अर्जुन ने बताया कि उसका भाई महेश सुनगढ़ी थाने के पास चाऊमीन का ठेला लगाता था। 15 मई की रात दस बजे वह टहलने निकला था। 17 मई को थाना सुनगढ़ी में गुमशुदगी दर्ज करा दी गई थी। इंस्पेक्टर मुहम्मद कासिम ने बताया कि गुमशुदगी सुनगढ़ी थाने में दर्ज है इसलिए हत्या का मुकदमा वहीं लिखा जाएगा।
कौन थे अनजान दो युवक
बरेली। मां धनदेई ने बताया कि 15 मई की रात आठ बजे घर के पास गली में दो युवक महेश के बारे में पूछ रहे थे। धनदेई उस समय बच्चे को दुकान से चीज दिलाने जा रही थी। पूछने पर एक युवक ने बर्थडे के लिए बुकिंग कराने की बात कही थी मगर दोनों ने अपना नाम नहीं बताया। धनदेई का आरोप है कि उन युवकों ने ही महेश की हत्या की है क्योंकि बेटे की किसी से रंजिश या लेनदेन का विवाद नहीं था।
जुलाई में जानी थी बारात
बरेली। महेश के परिवार में पिता नन्हूं लाल, मां धनदेई, बड़ा भाई जीतू, छोटा अर्जुन और छोटी बहन पूजा है। बड़ी बहन सीता की शादी यहां सिकलापुर निवासी राजेश के साथ हुई है। भाई अर्जुन ने बताया कि महेश की शादी पीलीभीत में गजरौला के कैंच गांव से तय हुई थी। जुलाई में बारात जानी थी। इन दिनों घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं। महेश पहले बरेली में किराए का कमरे में रहता था। ढाई साल पहले वह पीलीभीत लौट गया था।