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परीक्षा रद्द, जांच के लिए कमेटी बनी

Mon, 05 May 2014 05:31 AM IST
Bareilly
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बरेली। रूहेलखंड विश्वविद्यालय की परीक्षा समिति की बैठक में बरेली कॉलेज में 30 अप्रैल को एनवायरमेंट साइंस की परीक्षा के दौरान कई गुना ज्यादा परीक्षार्थियों के आने से हुए बवाल का मामला खास रहा। कॉलेज के वरिष्ठ केंद्राध्यक्ष डॉ. आरपी सिंह की परीक्षा निरस्त करने की संस्तुति पर मोहर लगाते हुए परीक्षा समिति ने जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बना दी। फर्जी परीक्षा फार्म प्रकरण की विभागीय जांच रिपोर्ट भी बैठक में रखी गई लेकिन इसे सार्वजनिक नहीं किया गया। कार्यवाहक रजिस्ट्रार को यह रिपोर्ट क्राइम ब्रांच को सौंप देने का निर्देश दिया गया। कॉमर्स में आउट ऑफ सिलेबस पेपर आने की भी जांच कमेटी बना दी गई है।
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कुलपति प्रोे. मुशाहिद हुसैन की अध्यक्षता में रविवार को उनके आवास पर हुई परीक्षा समिति की बैठक में बरेली कॉलेज में एनवॉयरमेंट साइंस की परीक्षा की जांच के लिए प्रो. बीआर कुकरेती, डॉ. यशपाल और डॉ. एपी सिंह की तीन सदस्यीय कमेटी बनाकर उसे जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई। यह कमेटी जांच करेगी कि किस गड़बड़ी की वजह से बरेली कॉलेज में ऐसे हालात पैदा हुए। इसके अलावा एनवॉयमेंट साइंस का सिलेबस तैयार करने पर भी विचार हुआ ताकि विद्यार्थियों के लिए यह परीक्षा सिर्फ औपचारिकता न रहे।
फर्जी परीक्षा फार्म प्रकरण की विभागीय जांच रिपोर्ट भी परीक्षा समिति में रखी गई लेकिन इस रिपोर्ट को समिति के सदस्यों के बीच पढ़कर नहीं सुनाया गया। कार्यवाहक रजिस्ट्रार को निर्देश दिया गया कि यह रिपोर्ट क्राइम ब्रांच को सौंप दी जाए। बता दें कि इस जांच कमेटी को 15 दिन का समय दिया गया था लेकिन उसने रिपोर्ट तैयार करने में महीनों लगा दिए। इसी कारण रिपोर्ट तैयार करने में कमेटी पर लीपापोती करने के आरोप भी लग चुके हैं।
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परीक्षा समिति ने बीकॉम सेकेंड ईयर के ग्रुप एक फर्स्ट पेपर कंपनी लॉ, सेकेंड पेपर कॉस्ट अकाउंटिंग का पेपर आउट ऑफ सिलेबस आने और बीकॉम थर्ड ईयर ग्रुप सी के सेकेंड पेपर मैनेजमेंट एकाउंटिंग और बीकॉम फर्स्ट ईयर ग्रुप बी के फर्स्ट पेपर फाइनेंशियल एकाउंटिग के पेपर में विसंगतियों के मामले में भी जांच के लिए दो सदस्यीय कमेटी बना दी। इसमें प्रो. पीके यादव और प्रो. एके सिन्हा को रखा गया है। बैठक में में कार्यवाहक रजिस्ट्रार वीएन सिंह, प्रो. पीके यादव, प्रो. एके सिन्हा, डॉ. नागेश्वर, डॉ. श्याम बिहारी लाल, विश्वविद्यालय शिक्षक संघ कैंपस के अध्यक्ष डॉ. यशपाल, महामंत्री डॉ. यतेेंद्र कुमार और रुहेलखंड विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. एके रुस्तगी, महामंत्री डॉ. दानवीर यादव आदि सदस्य मौजूद रहे।
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छात्रों के फेल होने की भी जांच होगी
बीएससी एग्रीकल्चर पांचवें सेमेस्टर के प्रश्नपत्र फ्रूट प्रिजर्वेशन में 70 फीसदी छात्रों के एक या दो नंबर से फेल होने के मामले को भी परीक्षा समिति रखा गया। आरएसएम कॉलेज धामपुर के प्राचार्य की ओर से इस विषय के पुनर्मूल्यांकन कराने की मांग की गई थी। परीक्षा समिति ने निर्णय लिया है कि एग्रीकल्चर के डीन पहले इस मामले में जांच करेंगे। उनकी जांच रिपोर्ट के बाद फैसला लिया जाएगा।
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द्विवर्षीय स्नातक: बीएड में नामांकन की अनुमति
छात्र राधेश्याम यादव ने सन् 1994 में कलकत्ता विश्वविद्यालय से द्विवर्षीय पाठ्यक्रम के अंतर्गत हिंदी की स्नातक की परीक्षा पास की। इसके बाद सन् 2007 में पुणे विश्वविद्यालय से हिंदी में एमए किया। छात्र को 2011 में बरेली कॉलेज में बीएड में नामांकित किए जाने को परीक्षा समिति ने अनुमति दे दी है। छात्र ने नियम-कायदों को जिक्र करते हुए नामांकन की मांग की थी।
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बरेली कॉलेज के डॉ. वीपी सिंह को राहत
बरेली कॉलेज के भौतिक विज्ञान के रीडर डॉ. वीपी सिंह के विरुद्ध छात्रों के शिकायती पत्र के संबंध में सेवानिवृत्त न्यायाधीश डॉ. एनसी हरित की ओर से दी गई जांच रिपोर्ट पर विचार करने के बाद परीक्षा समिति ने उन्हें क्लीन चिट दे दी। अब तक उन्हें परीक्षक बनाने पर रोक थी जिसे समिति ने वापस ले लिया है।
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