बरेली। जिला अस्पताल पिछले दो दिनों से जेनरेटर के सहारे चल रहा है। यहां इमरजेंसी वार्ड में मरीजाें को ऑक्सीजन भी जेनरेटर के भरोसे दी जा रही है। अस्पताल की 24 घंटे बिजली लाइन में फॉल्ट आने से बिजली गुल हो गई है। बिजली विभाग ने वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए कुतुबखाना फीडर से सामान्य सप्लाई दी है। अस्पताल प्रशासन ने तीन जेनरेटर का इंतजाम किया है। जो अब हांफने लगे हैं।
शहर में बिजली की सप्लाई वैसे ही ध्वस्त है। ऊपर से जिला अस्पताल को आम इलाकों को सप्लाई देने वाले फीडर से बिजली दी जा रही है। सामान्य सप्लाई के फीडर में रोस्टिंग भी हो रही है। रविवार को सुबह दस बजे से 11 बजे और दोपहर में डेढ़ बजे से लेकर शाम को साढ़े पांच तक सामान्य सप्लाई की रोस्टिंग के बाद बत्ती गुल हो गई तो जेनरेटर चलाया गया। बताया जा रहा है कि यह दिक्कत अभी एक से दो दिन तक बनी रहेगी। लाइन ठीक करने के लिए लखनऊ टीम को बुलाया गया है।
आए दिन खराब होती है लाइन
जिला अस्पताल की 24 घंटे की विशेष लाइन पिछले माह भी खराब हो चुकी है। भूमिगत लाइन होने के बावजूद भी इसमें आए दिन फॉल्ट होते रहते हैं। जबकि भूमिगत लाइन को बिछाने का काम पिछले साल ही किया गया है। जिला अस्पताल प्रशासन ने तार बदलवाने के लिए बिजली विभाग को पत्र भी लिखा है।
200 लीटर से अधिक फूं क दिया डीजल
जिला अस्पताल के पास तीन जेनरेटर हैं। दो छोटे और एक बड़ा। बड़ा जेनरेटर लगातार चलाया जा रहा है। जबकि सपोर्ट के लिए छोटे जेनरेटराें को चलाना पड़ता है। सीएमएस डॉ. आरसी डिमरी का कहना है कि हर बार 20 से 25 लाख का बिल देने के बावजूद सप्लाई ठीक नहीं है। जेनरेटराें पर भी 200 लीटर से अधिक डीजल फूं का जा रहा है।
वर्जन---
‘केबिल बर्स्ट होने से शनिवार दोपहर से बिजली नहीं है, कुतुबखाना फीडर से सामान्य सप्लाई दी गई है। लखनऊ की टीम लाइन ठीक करेगी कल से काम शुरू होगा।’
पवन चंद्रा, जेई, कुतुबखाना
वर्जन----
‘दो दिन से बिजली नहीं आ रही है, जेनरेटर के सहारे अस्पताल चल रहा है। बिजली विभाग को तार बदलने के लिए पत्र भी लिखा है।’
डॉ. आरसी डिमरी, सीएमएस, जिला अस्पताल