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पुलिस के लिए चुनौती बन गए हैं लुटेरे

Sun, 27 Apr 2014 05:30 AM IST
Bareilly
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चुनाव क्या खत्म हुआ जिले में अपराधों की बाढ़ आ गई। रोजाना लूट, डकैती और हत्याओं की किसी न किसी बड़ी वारदात से पूरा जिला दहला हुआ है। इन वारदातों के बाद पुलिस की नाकामी लोगों के लिए अलग चिंता का विषय बनी हुई है। चुनाव के बाद हुई किसी भी वारदात का कोई सुराग नहीं लग पाया है। लुटेरे पुलिस के लिए चुनौती बने हुए हैं। पुलिस अफसरान चुनाव में फोर्स बाहर चले जाने का हवाला देकर बचाव की मुद्रा में हैं लेकिन उनका यह तर्क जनता स्वीकार करने के मूड में नहीं है। जनता का सवाल है कि अगर फोर्स बाहर जाने की वजह से वारदातें हो रही हैं तो इसका सीधा मतलब है कि जिले में अभी एक और महीने अपराधी लूटपाट करते रहेंगे और खून बहाते रहेंगे।

फरीदपुर की लूट में अभी सिर्फ कयास
पुलिस का अनुमान, लुटेरों का पता था रोज आती है मोटी रकम

कॉलेज की शर्ट पहने था एक लुटेरा



अमर उजाला ब्यूरो
फरीदपुर। फ्लोर मालिक से 20 लाख से ज्यादा की रकम लूटने के मामले में पुलिस लुटेरों के बारे में फिलहाल अंदाजा लगाने की ही स्थिति में है। पुलिस का मानना है कि लुटेरों को इस बात की पहले से जानकारी थी कि सुबह करीब दस बजे रोज मिल मालिक कार से मोटी रकम लेकर आते हैं। इसलिए घटना में फ्लोर मिल से जुड़े किसी करीबी का हाथ जरूर है। इसी एंगिल पर विवेचना भी की जा रही है। यह भी पता चला है कि एक लुटेरा जिले के एक निजी मैनेजमेंट कॉलेज की शर्ट पहने था। इस पर भी पुलिस छानबीन कर रही है।
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पुलिस के मुताबिक कालेज की शर्ट पहनकर मिल एकाउंटेंट से लूटपाट करने वाले लुटेरे की उम्र करीब 25 साल थी। दूसरा लुटेरा करीब पंाच फुट लंबाई का था। जहां कार से लूट हुई उसके आगे ट्रक खडे़ थे, उनके ड्राइवर और अन्य लोग भी थे लेकिन किसी की लुटेरों के मुचैटा लेने की हिम्मत नहीं हुई। गेट पर चौकीदार रामेश्वर मौजूद था फायर की आवाज सुनकर उसने लुटेरों को भागते देखकर गेट बंद करने का प्रयास किया, लेकिन जैसे ही लुटेरे ने गेट पर एक फायर किया, चौकीदार भी जान बचाकर भाग खड़ा हुआ। इसके बाद लुटेरे फरार हो गए। मिल में 50 से अधिक लोग थे लेकिन सब के सब तमाशा ही देखते रह गये। दोनों लुटेरे सुबह नौ बजे से फ्लोर मिल के प्रांगण में घूम रहे थे। मगर किसी ने यह नहीं पूछा कि वे क्या करने आए हैं।

बाइक के पीछे अंतिम दो नंबर 25 थे
-लुटेरे जिस बाइक से भागे थे उस बाइक के पीछे अंतिम दो नंबर 25 लिखे थे। बाइक डिस्कवर या अन्य कोई ऐसी थी जिसका पिकअप बहुत तेज था। इसी कारण मिल कर्मचारी उसका पीछा नहीं कर सके। बताया जाता है कि लुटेरों ने घटनास्थल से 150 कदम दूर बाइक खड़ी की थी ताकि वह घटना को अंजाम देकर फौरन उस तक पहुंचकर भाग सकें। उनका एक साथी पहले से बाइक पर बैठा था।

साढ़े बारह लाख भी अभी नहीं मिले
बरेली। फ्लोर मिल मालिक अशोक अग्रवाल का कार चालक अवधेश कुमार साढ़े बारह लाख रुपये भाग गया था। पुलिस ने तीन दिन बाद अवधेश को गिरफ्तार करके बदायूं निवासी उसकी बहन के घर से रुपया बरामद कर लिया था। लेकिन बरामद रकम अभी तक मिल मालिक को नहीं मिल पाई है। अशोक का कहना है कि कोर्ट के सामने उन्होंने रकम, कार और लैपटाप अपना होने का सुबूत पेश कर दिया है। लेकिन चालक ने कोर्ट से कहा कि रकम, कार और लैपटाप उसका है। इसलिए कोर्ट ने चालक को तीनों चीजों को अपना साबित करने के लिए वक्त दिया है। 19 अप्रैल को तारीख पड़ी थी। अब अगली तारीख पर ही उनके रुपयों को लेकर फैसला हो पाएगा।
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कर्मचारियों पर पूरा भरोसा
पुलिस का अनुमान है कि मिल मालिक के किसी अपने ने ही लुटेरों को पैसा आने-जाने का राज दिया है। लेकिन मिल मालिक अशोक अग्रवाल का कहना है कि उन्हें अपने कर्मचारियों पर पूरा भरोसा है। कोई ऐसा नहीं लगता है कि जिसने लुटेरों की मदद की होगी। पुलिस अपने हिसाब से विवेचना कर रही है, इसमें हमें कोई आपत्ति नहीं है।
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