बरेली। शहर में होली भरपूर उमंग और उत्साह के साथ मनाई गई। हुरियारों की टोलियां पूरे जोश-खरोश के साथ सड़कों पर निकलीं। गली-मोहल्लों में भी खूब रंग, अबीर और गुलाल उड़ा। इस बीच जगह-जगह परंपरागत ढंग से होलिका दहन किया गया। महिलाओं ने घरों पर होलिका पूजन किया। दोपहर बाद गले मिलकर बधाइयां देने का सिलसिला शुरू हुआ जो देर रात तक चलता रहा।
होली का हुड़दंग सुबह से ही शुरू हो गया। कोई गली, मोहल्ला या कॉलोनी ऐसी नहीं थी जहां रंगों का धमाल न हो रहा हो। कालीबाड़ी, सिकलापुर, गंगापुर, आलमगीरी गंज, साहूकारा, बिहारीपुर, मढ़ीनाथ, सुभाषनगर, नेकपुर, प्रेमनगर और जसोली आदि इलाकों में तो हुरियारों ने खूब धूम मचाई। दोपहर तक लोग एक-दूसरे पर रंग बरसाते रहे। शाम को शहर में जगह-जगह होली मिलन आयोजन हुए। लोग मित्रों-परिचितों के घर होली मिलने पहुंचे।
शिक्षामित्रों ने नहीं मनाई होली
बरेली। शिक्षक बनाने की मांग पर अड़े शिक्षामित्रों ने होली नहीं मनाई। यह दावा प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष केपी सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि संगठन ने शिक्षामित्रों से होली न मनाने का आह्वान किया था इसलिए जिले के शिक्षामित्रों ने प्रदेश सरकार का विरोध करते हुए होली नहीं मनाई।