बरेली। पोरबंदर एक्सप्रेस ट्रेन में यात्रियों से लूटपाट की घटना के 72 घंटे बाद भी रेलवे पुलिस सीमा के फेर में उलझी है। पुलिस को बदमाशों की धरपकड़ की चिंता के बजाय गोरखपुर से एफआईआर की चिक पहुंचने का इंतजार है।
मोतिहारी जा रही 19269 पोरबंदर एक्सप्रेस ट्रेन में शनिवार की रात बदमाशों ने स्लीपर कोच एस नौ और एस 10 में धावा बोलकर यात्रियों से लूटपाट की थी। कारपोरेशन बैंक की प्रियदर्शी नगर शाखा की सहायक प्रबंधक रोली जौहरी और उनके पति ने गोरखपुर जीआरपी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दंपति ने बताया था कि बदमाश बरेली जंक्शन से निकलकर टिसुआ और बिलपुर के पास चेन पुलिंग करके कूद गए थे। रिपोर्ट दर्ज हुए तीन दिन गुजर चुके हैं लेकिन गोरखपुर और बरेली पुलिस की ओर से बदमाशों की धरपकड़ के प्रयास शुरू नहीं हुए हैं।
गोरखपुर पुलिस ने घटनास्थल बरेली बताकर पल्ला झाड़ लिया है, जबकि बरेली पुलिस गोरखपुर से वाया लखनऊ फिर मुरादाबाद होकर आने वाली चिक के इंतजार में बैठी है। जीआरपी का कहना है कि ऐसी घटनाओं के लिए एफआईआर पहुंचने के बाद पीड़ितों से बयानों के आधार पर ही खुलासे के प्रयास होते हैं। जीआरपरी थाना प्रभारी अयूब खान का कहना है कि यह नियमित और सामान्य प्रक्रिया है।