बरेली। होली पर करीब दर्जन भर स्पेशल ट्रेनें चलाए जाने के बाद भी ट्रेनों मेें रेलमपेल मची हुई है। घर लौट रहे लोगों को बोगियों में पांव रखने की जगह तक नहीं मिल पा रही है। ट्रेन में चढ़ने के लिए उन्हें धक्कामुक्की करनी पड़ रही है। ऐसे में यात्रियों के बीच मारपीट और गालीगलौज जैसी घटनाएं भी खूब हो रही हैं।
लखनऊ-दिल्ली और बरेली-लालकुआं के बीच चलने वाली गाड़ियां यात्रियों से ठसाठस भरी हुई हैं। हाल यह है कि रिजर्वेशन करा चुके लोगों को भी बर्थ नहीं मिल पा रही। टीटीई से यात्रियों की नोकझोंक हो रही है। महिला कोच से लेकर आरएमएस के डिब्बों में चढ़ने के लिए भी आपाधापी करनी पड़ रही है। बिहार दिशा की ट्रेनों में और ज्यादा मारामारी है। ट्रेनों में इतनी भीड़ की वजह से पुलिस के होश भी उड़े हुए हैं।
तत्काल पर सबसे ज्यादा मारामारी
बरेली। 28 मार्च तक ट्रेनें फुल होने से यात्रियों का दबाव तत्काल टिकट विंडो पर बढ़ गया है। कुल आरक्षित सीटों का 20 फीसदी कोटा तत्काल के जरिये पूरा होता है। लेकिन चूंकि हर गाड़ी में दो सौ से चार सौ तक की वेटिंग है और आरक्षित कोटा पूरा हो चुका है। इसलिए होली मनाने के लिए घर जाने वाले यात्रियों की आस तत्काल कोटे पर ही टिकी है।
किन्नरों की जबर्दस्ती- होली का नेग दो
होली के माहौल में किन्नर भी चांदी काटने को तैयार बैठे हैं। साधारण गाड़ियों में ही नहीं, मेल, सुपरफास्ट और एक्सप्रेस ट्रेनों की हर बोगी में किन्नरों ने कब्जा जमा रखा है और यात्रियों से जबरन होली का नेग वसूल कर रहे हैं। शुक्रवार देर रात पद्मावत एक्सप्रेस में मुरादाबाद से चढ़े तीन किन्नरों ने कई बोगियों में यात्रियों से अश्लील हरकतें भी कीं। ट्रेन में सवार लखनऊ जा रहे बुद्धि विहार के राकेश सचदेवा और कटघर लाकड़ी निवासी उनके साथी विवेक सिन्हा ने बताया कि शिकायत के बावजूद जीआरपी किन्नरों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।
होली पर ट्रेनों में बढ़ी भीड़भाड़ पर हमारी नजर है। अतिरिक्त ड्यूटी लगाई गई हैं। चौबीस घंटे प्लेटफार्म पर जीआरपी तैनात रखी गई है। - अयूब खान, थाना प्रभारी जीआरपी
छुट्टियां होते ही बसों में भी भीड़भाड़ बढ़ी
बरेली। होली की छुट्टियां होते ही बसों में भी भीड़ बढ़ गई है। हालांकि शहर के दोनों स्टेशनों पर परिवहन निगम ऑन डिमांड बसें उपलब्ध करा रहा है। इससे यात्रियों को ज्यादा दिक्कत नहीं हो रही है। केंद्रीय कार्यालयों में 14 मार्च से छुट्टियां होने की वजह से शुक्रवार रात से ही बसों में भीड़ बढ़ने लगी। शनिवार को यह दबाव और बढ़ गया। परिवहन निगम ने पहले ही विशेष बस संचालन योजना बना ली थी। इसलिए लोगों को बसें मिलने में ज्यादा दिक्कत नहीं हुई। प्रोत्साहन योजना की वजह से स्टाफ भी सक्रिय रहा। शनिवार सुबह से ही एआरएम पीएस मिश्रा, जेडए नोमानी और कपिल वार्ष्णेय आदि अफसर बसें उपलब्ध कराने में व्यस्त रहे। हालांकि