बरेली। देश में इन दिनों चुनावी बुखार चढ़ा हुआ है। टीवी, समाचार पत्र हों या ट्रेन-बस, नुक्कड़, चौपाल हर जगह चुनावी बहस। आम हो या खास, दो चार लोग मिले नहीं कि राजनीति पर चर्चा शुरू हो जाती है। शुक्रवार को कालीबाड़ी स्थित पुनीत खंडेलवाल के प्रतिष्ठान पर मित्र और परिचितों की मंडली जमी तो राजनीत पर ही बात छिड़ गई। हर एक की अपनी समस्या, अपना समाधान और अपना नजरिया। एक खास बात ये आई कि युवाओं की जागरूकता इस चुनाव में कुछ गुल खिलाएगी जरूर।
बहस का निष्कर्ष निकला, अब वक्त आ गया है जल्द ही देश की राजनीति बदलेगी। जनता त्रस्त हो चुकी है, महंगाई, भ्रष्टाचार, स्कैंडल, अपराध बस यही सब कुछ है। जन हित के मुद्दे खत्म होते जा रहे हैं। छोटी-छोटी चीजों पर टैक्स जनता को मार रहा है। यहां तक कि सेफ्टी आइटम और जीवन बीमा के पैसे तक पर टैक्स लगाया जाना कहां तक उचित है। मोहित मेहरा ने कहा कि सेफ्टी आइटम पर 14 प्रतिशत टैक्स है, यह तो अन्याय है। अनिल कुमार ने बात बदलते हुए शिगूफा छोड़ा, प्रधानमंत्री कौन बनेगा इस बार चुनाव में यह मुद्दा बनेगा। अमित खंडेलवाल बोले, आगे से ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए कि प्रधानमंत्री का सीधे चुनाव हो। अब एक पार्टी की सरकार बने तभी देश का भला होगा।
मुकेश मेहरोत्रा और हरनाम सिंह ने क्षेत्रीय पार्टियों पर सवाल उठाए। बोले, यह लोग ऊपर तो समर्थन देते हैं यहां आकर उसी पार्टी को कोसते रहते हैं। इसी बीच अधिवक्ता गोपाल वैश्य भी यहां पहुंचे। बहस में भाग लेते हुए उन्होंने कहाकि चुनाव बहुत अच्छा होगा, बशर्ते वोटों का ध्रुवीकरण न हो। वहीं पुनीत खंडेलवाल और ग्रीश जोशी ने कहा कि अब जनता बहुत जागरूक है खास कर युवा, इसका प्रभाव इस बार दिखाई देगा।