बरेली। नशे के लिए इस्तेमाल होने वाले प्रतिबंधित कफ सिरप फैंसीड्रिल और इंजेक्शन फोर्टविन की बड़े पैमाने पर अवैध खरीद-फरोख्त का एक और मामला पकड़ा गया है। शास्त्री मार्केट की फर्म भारत ट्रेडर्स के प्रोप्राइटर विनोद कुमार को नशे की दवाओं की बड़ी खेप की बिक्री से संबंधित प्रमाणिक रिकॉर्ड उपलब्ध न करा पाने पर सहायक आयुक्त (औषधि) प्रेमप्रकाश सिंह ने नोटिस जारी किया है। इसमें 15 मार्च तक रिकॉर्ड न उपलब्ध न करा पाने पर लाइसेंस निरस्त कर देने की चेतावनी दी है।
हाल ही में फैंसीड्रिल सीरप की बड़ी खेप खरीदकर बिना किसी रिकार्ड के पूर्वोत्तर के कारोबारियों को बेच देने के बड़े बाजार के दवा कारोबारी एके बास का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया था। औषधि विभाग को शहर के कई और दवा कारोबारियों के यही खेल करने की जानकारी मिली थी। इस पर सहायक आयुक्त ने बरेली के औषधि निरीक्षक अशोक चोपड़ा के साथ शास्त्री मार्केट की फर्म भारती ट्रेडर्स का औचक निरीक्षण किया। इसका प्रोप्राइटर कुछ ही सीरप की बिक्री ब्योरा दे पाए जबकि बड़े पैमाने पर बेची गई नशे की दवाओं का ब्योरा नहीं मिला। सहायक आयुक्त के अनुसार औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम 1940 के नियम 65 (5) के तहत दुकानदार के लिए क्रय-विक्रय का रिकार्ड की हार्ड कापी रखना जरूरी है। इस नियम की साफ अनदेखी की पुष्टि होने पर कारोबारी के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है।
बाबाजी मेडिकल स्टोर का लाइसेंस निलंबित
बरेली (ब्यूरो)। मिनी बाईपास पर बसंत विहार स्थित बाबाजी मेडिकल एंड सर्जिकल स्टोर का लाइसेंस अगले आदेश तक निलंबित कर दिया गया है। बरेली मंडल के औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी पीपी सिंह और बरेली के औषधि निरीक्षक एके चोपड़ा ने यहां औचक निरीक्षण में नशे की दवाएं बिना डॉक्टर के प्रिसक्रिप्शन और बिना रसीद काटते बेची जाती पकड़ीं। यहां फोर्टविन इंजेक्शन के अलावा नशे की टैबलेट एप्राजोलम, न्यूपिजेसिक, क्लोनाफिट, नाइट्रोवेट, निंद्रा, एटीवान और क्लोवाजाम आदि बेची जा रही थीं।