बरेली। रुहेलखंड के बरेली मंडल की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी भी कम नहीं रही है। बरेली से बेगम आबिदा अहमद, पीलीभीत और आंवला से मेनका गांधी सांसद रह चुकी हैं। बदायूं की शांतिदेवी यादव संभल सीट से सांसद बनी थीं। सोलहवीं लोकसभा के लिए होने वाले चुनाव में भी भाजपा, सपा, बसपा ने महिला उम्मीदवार उतारे हैं। भाजपा से पीलीभीत में मेनका गांधी और शाहजहांपुर में कृष्णाराज का चुनाव लड़ना तय माना जा रहा है। बसपा ने आंवला से सुनीता शाक्य को और सपा ने बरेली से आयशा इस्लाम को मैदान में उतार कर महिलाओं को राजनीति में हिस्सेदारी दी है।
इससे पहले भी मंडल की लोकसभा सीटों पर महिला उम्मीदवार चुनाव लड़ती रही हैं। बदायूं की शांति देवी यादव संभल सीट से सांसद रही थीं। उसके बाद मेनका गांधी ने पीलीभीत सीट को पकड़ा और यहां से पांच बार चुनाव जीतीं। वह बरेली की आंवला सीट से मौजूदा सांसद हैं। बरेली सीट पर महिला उम्मीदवारों को कम मौका मिला। यहां से पूर्व राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद की पत्नी बेगम आबिदा अहमद दो बार चुनाव जीतीं। तीसरा चुनाव वह हार गई थीं। उसके बाद वह यहां से चुनाव नहीं लड़ीं। आंवला सीट पर कभी कोई महिला उम्मीदवार चुनाव नहीं जीत सकी। यही स्थिति शाहजहांपुर सीट पर रही जहां कांग्रेस नेता जितेंद्र प्रसाद के निधन के बाद एक बार उनकी पत्नी कांता प्रसाद चुनाव लड़ीं थी किंतु हार गईं। हालांकि शाहजहांपुर के पिछले चुनाव में दो महिलाएं मैदान में थीं, बसपा विधायक विजय पाल सिंह की पत्नी सुनीता सिंह बसपा की उम्मीदवार थीं लेकिन जीत दर्ज नहीं करा सकीं। दूसरी भाजपा की कृष्णा राज थीं जो तीसरे नंबर रहीं। बदायूं सीट पर 1998 के चुनाव में भाजपा ने शांति देवी शाक्य को लड़ाया था। वह चुनाव तो नहीं जीत सकीं लेकिन दूसरे स्थान पर रहीं थीं। पीलीभीत सीट पर भाकपा माले से पिछला चुनाव कृष्णा अधिकारी लड़ी थीं। इससे पहले 1999 कांग्रेस के टिकट पर नौकरशाह रहे राय सिंह की पत्नी राज राय सिंह भी चुनाव लड़ीं थी किंतु उन्हें सफलता नहीं मिल सकी।
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पीलीभीत और आंवला से छह बार सांसद रहीं मेनका
बरेली से दो बार जीतीं बेगम आबिदा अहमद
संभल से सांसद रहीं थीं बदायूं की शांति देवी यादव
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बरेली मंडल से महिलाओं की दावेदारी
बरेली : आयशा इस्लाम - सपा
आंवला : सुनीता शाक्य - बसपा
पीलीभीत : मेनका गांधी - भाजपा
शाहजहांपुर : कृष्णाराज - भाजपा