बरेली। रूहेलखंड विश्वविद्यालय एमफिल के छात्रों को बड़ी राहत देते हुए पीएचडी के मैथोडालॉजी कोर्स से बाहर रखने पर विचार कर रहा है। कुलपति का कहना है कि मैथोडालॉजी कोर्स और एमफिल का सिलेबस मिलता जुलता है इसलिए एक जैसी पढ़ाई बार-बार करने का मतबल नहीं बनता।
कुलपति प्रो. मोहम्मद मुजम्मिल ने एमफिल की प्रक्रिया शुरू करने के लिए कहा है, ताकि एमफिल के इस साल वाले विद्यार्थियों को भी इसका लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि एमफिल के सिलेबस को देखा जाएगा, अगर यह मैथोडालॉजी कोर्स से मिलता जुलता है तो एमफिल के विद्यार्थियों को यह कोर्स नहीं करना पड़ेगा। उधर, शिक्षकों ने एमफिल के विद्यार्थियों को रिसर्च के एंट्रेंस टेस्ट से बाहर रखने की मांग की है। हालांकि अभी इस पर सहमति नहीं बन सकी है। कुलपति ने कहा कि उन्होंने आगरा विश्वविद्यालय में पीएचडी का प्रस्तावित ऑर्डीनेंस तैयार कर शासन को भेज दिया है। रूहेलखंड विश्वविद्यालय में भी ऐसा करने के प्रयास जारी हैं जल्द ही यहां ऑर्डीनेंस का प्रस्तावित प्रारूप शासन को भेज देंगे।