बरेली। सूबे में शातिर अपराधियों के खिलाफ फील्ड आपरेशन चलाकर उन्हें गिरफ्तार करने को स्वैट टीम को नए सिरे से गठित करने का फरमान आया है। इस टीम में 35 साल से ज्यादा उम्र के किसी भी जवान को नहीं रखा जाएगा। डीजीपी देवराज नागर के आदेश पर अमल करते हुए एसएसपी ने रूहेलखंड चौकी इंचार्ज नीरज धामा को स्वैट टीम का नया प्रभारी बनाया है। ड्यूटी के लिए टीम को तीन तरह की अलग-अलग ड्रेस दी जाएगी। टीम के हर जवान को अत्याधुनिक हथियारों से ट्रेंड किया जाएगा।
प्रदेश के सभी जिलों में स्पेशल वेपन एंड टैक्टिस (स्वैट) टीम को नए सिरे से गठित करने के फरमान पर अमल शुरू हो गया है। टीम में एक उपनिरीक्षक, एक हेड कांस्टेबल और आठ कांस्टेबल तैनात होंगे। ज्यादा जनसंख्या वाले जिलों में स्टाफ की संख्या दोगुनी भी हो सकती है। टीम में नियुक्त होने वाले जवानों को शारीरिक दक्षता और फायरिंग की परीक्षा भी देनी होगी। टीम के लिए चयनित पुलिस कर्मियों को ग्लाक पिस्टल, एके-47, एसएलआर, इंसॉस एचपी-36 और जीएम जैसे असलहे चलाने की ट्रेनिंग दी जाएगी। क्राइम ब्रांच की इस टीम का मुख्य काम शातिर अपराधियों को गिरफ्तार करना होगा। टीम के जवानों को सामान्य कार्यों के लिए खाकी, रात को आपरेशन के दौरान काली और जंगलों के लिए कैमोप्लाज वर्दी दी जाएगी। इसके अलावा टेक्निकल लाइट लेजर, डॉट ऐपिंग डिवाइस, कमांडो ड्रेगर, रूम इंट्री इक्विपमेंट, डांगरी वूट और वायरलेस भी मुहैया कराए जाएंगे। उन्होंने कमांडो कोर्स कराने के अलावा आवास आवंटन में वरीयता, सशस्त्र पुलिस से सिविल पुलिस में स्थानांतरण के अलावा समय-समय पर अन्य सुविधाएं और मदद भी दी जाएगी।
वर्जन
रूहेलखंड चौकी इंचार्ज नीरज धामा को फिलहाल स्वैट टीम का प्रभारी बनाया गया है। बाकी टीम में और भी नए पुलिस के जवानों की तैनाती की जाएगी।
- आकाश कुलहरि, एसएसपी