बरेली। शरीयत के मुताबिक नौनिहालों को पोलियो की खुराक पिलाना नाजायज नहीं है। इसमें ऐसी कोई चीज भी नहीं मिली है जिसे इस्लाम में हराम या नाजायज ठहराया गया हो। दरगाह-ए-आला हजरत से जुड़े मुफ्ती शोएब रजा कादरी ने यह फतवा जारी किया है।
शनिवार को रोटरी भवन में पोलियो को जड़ से मिटाने के लिए आयोजित सम्मान एवं संकल्प समारोह में डीएम अभिषेक प्रकाश और मेयर डॉ. आईएस तोमर की मौजूदगी में इस फतवे के बारे में जानकारी दी गई। यह भी साफ किया गया कि मुफ्ती शोएब रजा कादरी ने यह फतवा तमाम चिकित्सकीय शोध, जर्नल, शरीयत के गहन अध्ययन और विशेषज्ञ डॉक्टरों से बातचीत के बाद जारी किया है। समारोह में इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया के कैमरे बंद कराए जाने के बाद मुफ्ती शोएब रजा कादरी भी मंच पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि पोलियो की खुराक के बारे में फैलाई जा रही भ्रांतियां गलत हैं। कुछ वेबसाइटों पर भी दुष्प्रचार किया जा रहा है। कार्यक्रम में मौजूद मुस्लिम समाज के दूसरे मुअज्जिज लोगों ने भी पोलियो को न पनपने देने का संकल्प लिया।
दरअसल जिला प्रशासन ने रोटरी क्लब के साथ यह कार्यक्रम मुस्लिम समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने के लिए आयोजित किया था। पिछले दिनों एक वेबसाइट पर पोलियो ड्रॉप को लेकर हुए दुष्प्रचार को ग्रामीण इलाकों में पर्चे छपवाकर बंटवाया जा रहा था, जिसे प्रशासन ने जब्त करा दिया था। इसके बाद प्रशासन ने मुस्लिम समाज को जागरूक करने का फैसला लिया था। इस दौरान यह भी बताया गया कि मुस्लिम धर्मगुरुओं की तरफ से इससे पहले पोलियो खुराक पिलाने की अपीलें तमाम बार की गई हैं, लेकिन फतवा पहली बार जारी हुआ है। यह भी बताया गया कि बरेली में पोलियो वर्ष 2009 में खत्म हो चुका है, जबकि यूपी में 21 अप्रैल 2010 और देश में जनवरी 2011 में पोलियो उन्मूलन की घोषणा की गई। लेकिन इसके दोबारा पनपने का खतरा अभी मिटा नहीं है।
इस दौरान दरगाह-ए-आला हजरत से जुड़े जमात रजा-ए-मुस्तफा के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना शहाबुद्दीन रजवी और खलीलाबाद के मुफ्ती अख्तर हुसैन भी मौजूद थे।