बरेली। झूले लाल की शोभायात्रा बृहस्पतिवार को धूमधाम से निकली। झूलेलाल के नाम की पीली पट्टियां बांधे युवाओं के डांडिया और महिलाओं के गीतों की धुन ने अलग ही समां बांध दिया। शोभायात्रा जिधर से भी निकली, झांकियों में सजे देवताओं के स्वरूपों पर फूलों की जमकर बारिश हुई।
वरुण देव के अवतार भगवान झूले लाल की जयंती पर बृहस्पतिवार शाम चार बजे सिंधु नगर स्थित झूले लाल मंदिर से शोभायात्रा निकाली गई। इसमें भगवान झूले लाल और संत कंवर राम के स्वरूपों के अलावा भगवान भोले नाथ, हनुमान जी, श्री गणेश जी की प्रतिमाओं की झांकियां शामिल थीं। ट्रैक्टर-ट्राली पर बैठी महिलाएं झूले लाल के भजन गा रही थीं। शोभायात्रा ईसाइयों की पुलिया, शहामतगंज, शाहदाना, ईंट पजाया चौराहा, प्रेमनगर धर्मकांटा, राम जानकी मंदिर, राजेंद्र नगर, बांके बिहारी मंदिर होकर डेलापीर झूलेलाल द्वार पर पहुंचकर समाप्त हुई। समापन के बाद अखंड ज्योति को पवित्र नदी में परवान करके पल्लव गीत गाए गए। शोभायात्रा में सिंधी समाज के अलावा दूसरे धर्मों के लोग भी शामिल रहे।
शोभा यात्रा पर रास्ते में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने फूलों की वर्षा की। महिलाओं और बच्चों ने फूलों की होली भी खेली। शोभा यात्रा का संचालन पूर्व पार्षद लेखराज मोटवानी ने किया। शोभायात्रा से पहले सुबह हवन पूजन कराया गया। दस बजे सिंधु नगर परिसर में कलश यात्रा निकाली गई। दोपहर 12 बजे मंच का आयोजन हुआ। इसमें मुख्य अतिथि डा. आईएस तोमर ने झूले लाल लिखा पैराशूट छोड़ा। पत्रकार शंकर लाल दरयाना, घनश्याम झामनानी, खेमचंद गुरनानी, डा. गोविंद राम, गिरधारी लाल मूलचंदानी, प्रकाश आयलानी ने अपने विचार व्यक्त किए। ये कार्यक्रम श्री झूले लाल ट्रस्ट, सिंधी सेंट्रल पंचायत, युवा सिंधी संगठन, युवा सिंधी समाज की ओर से आयोजित किए गए।
कई संगठनों ने किया स्वागत
शहामतगंज चौराहे पर बरेली केमिस्ट क्लब के पदाधिकारियों ने पुष्प वर्षा कर झूले लाल शोभायात्रा का स्वागत किया। इनमें अध्यक्ष अनुज गोयल, राजेश ओबराय, हिमांशु मनोहर, मोहित सेठी, जिन्नी पाहवा, आलोक गुप्ता शामिल थे। सिंधुनगर द्वार पर केमिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने भी स्वागत किया। इनमें दिनेश चंद्र रस्तोगी, नागेंद्र पाल सक्सेना, विजय मूलचंदानी, योगेंद्र अग्रवाल, गौरव खंडूजा, अजय गर्ग शामिल रहे।