बरेली। मीरगंज थाने में एसओ ने पीड़ित पक्ष की बात सुने बिना ही एक चिकित्सक को जमकर पीट दिया। हवालात में बंद होते ही चिकित्सक को दिल का दौरा पड़ा तो आनन फानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया। जहां हालत सुधरने पर चिकित्सक को परिजन घर ले आए। चिकित्सक ने पुलिस पर एक पक्षीय कार्रवाई करने का आरोप लगाया है।
चुरई दलपतपुर गांव निवासी डॉ. हरीश गंगवार के गांव में बालकराम के बेटे की शादी मंगलवार की रात थी। चिकित्सक के भाई हरभजन और परधौली (सीबीगंज) के रहने वाले उनके दामाद पंकज भी शादी के मौके पर दी गई दावत में शामिल हुए। रात में करीब नौ बजे भोजन के दौरान कुछ लोगों ने कमियां निकालनी शुरू की तो पंकज ने ऐसा करने से मना किया। बस इसी बात को लेकर बहस हो गई और छत पर बैठकर भोजन करने वाले कुछ युवकों ने पंकज पर चाकू से हमला बोल दिया। चाकू से उनके कमर में जख्म हो गया। इसके बाद तो 8-10 युवक उन पर टूट पड़े। बचाव करने आए हरभजन से भी उनकी मारपीट हो गई। दबंग युवक पंकज को छत से घसीटते हुए नीचे तक ले आए। किसी तरह लोगों ने बीच-बचाव किया।
रात में मामला थाने पहुंचा तो दोनों पक्ष के लोगों को पुलिस थाने ले आई। सुबह मामले में कार्रवाई की मांग लेकर डॉ. हरीश गंगवार थाने पहुंचे। उनका आरोप है कि बुधवार की दोपहर एसओ सहरोज अनवर खां ने उन्हें बुरी तरह से पीटा। हवालात में बंद होने के बाद अचानक उन्हें दिल का दौरा पड़ा। आनन फानन में पुलिस वालों ने परिजनों संग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा तो वहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में उपचार के कुछ घंटे बाद राहत मिली तो डॉ. हरीश गंगवार को परिजन घर ले आए। उधर पंकज का उपचार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कराया गया। घटना के 24 घंटे बाद भी मामले में कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी और न ही किसी आरोपी को पकड़ा गया। चिकित्सक ने सिपाही योगेश व घसीटा पर रात से ही एक पक्षीय कार्रवाई करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि एक भी आरोपी को थाने में नहीं रोका गया।